धर्मशाला। कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक सीमित के पूर्व असिस्टेंट जनरल मैनेजर (एजीएम) कुलदीप चंद भारद्वाज ने केसीसीबी के अधिकारी पर आरोप लगाए हैं। इस संबंध में पूर्व एजीएम ने प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और मुख्य सचिव को लिखित में शिकायत पत्र भेजा है। साथ ही उन्होंने पुलिस विभाग कांगड़ा से अधिकारी की ओर से उन्हें जातिसूचक शब्द कहे जाने को लेकर भी शिकायत सौंपी है।
धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत में कुलदीप चंद भारद्वाज ने कहा कि केसीसी बैंक के वर्ष 2022 के तत्कालीन प्रबंध निदेशक ने उन्हें सस्पेंड कर दिया था। उन्होंने कहा कि तत्कालीन एमडी की ओर से उन्हें जातीय आधार पर प्रताड़ित भी किया गया है। उन्होंने कहा कि सेवाओं के दौरान तीन साल तक उनकी पदोन्नति को रोके रखा गया, जबकि इसके बाद उन्हें कोर्ट के निर्देशों और निदेशक मंडल की ओर से बहाल कर दिया गया था और लंबित पदोन्नति भी दी गई। उन्होंने कहा कि फिर से एक अधिकारी की ओर से उनकी सेवानिवृत्ति से मात्र 10 दिन पहले उन्हें पद से हटा दिया गया। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति पर देय उनके वित्तीय लाभ भी प्रदान नहीं किए गए हैं। एजीएम ने विभिन्न आरोप लगाते हुए प्रदेश सरकार से जल्द उचित कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई है।