धर्मशाला। जलवायु परिवर्तन अब भविष्य का नहीं, बल्कि वर्तमान का वास्तविक संकट बन चुका है जो हमारे पर्यावरण, अर्थव्यवस्था और जीवनशैली सभी पर गहरा असर डाल रहा है। यह बात राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्षेत्रीय कार्यालय धर्मशाला की ओर से स्थानीय कॉलेज में आयोजित अंतरराष्ट्रीय जलवायु दिवस कार्यक्रम में सहायक पर्यावरण अभियंता वरुण गुप्ता ने कही।
वरुण गुप्ता ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखने लगे हैं। सूखा, बाढ़, तूफान और समुद्र के स्तर में वृद्धि जैसी चरम मौसमी घटनाएं इसकी गंभीरता को दर्शाती हैं। इसके प्रमुख कारणों में तेल, कोयला और गैस जैसे जीवाश्म ईंधनों का अत्यधिक उपयोग तथा उनसे उत्सर्जित ग्रीनहाउस गैसें हैं जो पृथ्वी के तापमान में असंतुलन पैदा कर रही हैं।
वरुण गुप्ता ने कहा कि जलवायु परिवर्तन सिर्फ पर्यावरण का नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा, जल संसाधन और आर्थिक स्थिरता के लिए भी गंभीर चुनौती बन गया है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे कदम जैसे ऊर्जा की बचत, प्लास्टिक का कम उपयोग, और वृक्षारोपण को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें। उन्होंने बताया कि सरकार इस दिशा में नवीकरणीय ऊर्जा और स्वच्छ पर्यावरण अभियानों के माध्यम से ठोस कदम उठा रही है।