धर्मशाला। जिला सोलन के कुमारहट्टी में धराशायी हुए चार मंजिला भवन के बाद जिला प्रशासन भी जाग गया है। अब जिला कांगड़ा में भी संवेदनशील भवनों की सूची तैयार कर प्रशासन इन्हें खाली करवाएगा, जिससे बरसात में कोई जानी नुकसान न हो। संवेदनशील भवनों को चिह्नित करने के लिए जिले के सभी एसडीएम को निरीक्षण कमेटी गठित करने के निर्देश जारी हो गए हैं।
कमेटी में लोक निर्माण विभाग के एक विशेषज्ञ को बतौर सदस्य शामिल करना जरूरी होगा। उपमंडल स्तर पर बनने वाली कमेटियों को 25 जुलाई से पहले भवनों का निरीक्षण और भवनों को खाली करवाने की कार्रवाई रिपोर्ट जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को भेजनी होगी। कमेटी सरकारी और निजी दोनों प्रकार के भवनों का निरीक्षण करेगी। उपायुक्त राकेश प्रजापति ने बताया कि कांगड़ा जिला में आपदा की दृष्टि से संवेदनशील सरकारी और निजी भवनों को चिह्नित कर उन्हें खाली करवाने के निर्देश जारी किए गए हैं। बरसात में पुराने भवनों के गिरने से भारी जान और माल के नुकसान की आशंका बनी रहती है। प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन की कार्य योजना तैयार की गई है।
नदियों-खड्डों के किनारे लगेंगे चेतावनी बोर्ड
सभी एसडीएम को बरसात से पहले बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील नदियों और खड्डों के किनारे चेतावनी बोर्ड लगाने के दिशा निर्देश भी दिए गए हैं। बरसात के दौरान खड्डों और नालों के आसपास नहीं जाने की हिदायतें भी दी गई हैं।