कांगड़ा जिला में सघन दस्त एवं निमोनिया रोकथाम अभियान को लेकर एडीएम ने अधिकारियों से की चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। कांगड़ा जिला में जल्द सघन दस्त एवं निमोनिया रोकथाम अभियान आरंभ किया जाएगा। इसमें पांच वर्ष से कम आयु के लगभग 99,000 बच्चों को घर-द्वार पर ओआरएस घोल और जिंक की टेबलेट्स वितरित की जाएंगी। बुधवार को उपायुक्त कार्यालय परिसर में सघन दस्त एवं निमोनिया अभियान की तैयारियों को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए एडीएम शिल्पी बेक्टा ने कहा कि दस्त रोग बच्चों के लिए एक जानलेवा बीमारी है। इसकी रोकथाम और जागरूकता के लिए वर्ष में तीन बार जून, नवंबर और मार्च में सघन दस्त पखवाड़ा आयोजित किया जाता है, ताकि दस्त के जैसी गंभीर बीमारी से बच्चों को सुरक्षित रखा जा सके। शिल्पी ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा वर्कर्स के माध्यम से ओआरएस घोल व जिंक की टेबलेट्स घ-द्वार पर मुहैया करवाई जाएंगी। साथ ही इसके उपयोग को लेकर भी अभिभावकों को अवगत करवाया जाएगा।
एडीएम ने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश देते हुए कहा कि स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वच्छ जल उपलब्ध करवाने की दिशा में कारगर कदम उठाएं। बेक्टा ने कहा कि शिक्षा विभाग के माध्यम से सभी स्कूल में पढ़ने वाले सभी बच्चों के टीकाकरण को लेकर जानकारी भी जुटाई जाए, ताकि टीका से वंचित रहे बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित किया जा सके। इसी तरह से आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से भी अभिभावकों को टीकाकरण के बारे में जागरूक किया जाए। इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राजेश गुलेरी, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राजेश सूद, बीएमओ और आयुर्वेद विभाग, वेलफेयर विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायती राज, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।