पालमपुर (कांगड़ा)। प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष एवं सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि कांग्रेस सरकार की कथनी और करनी के बीच का अंतर अब जनता के सामने आ चुका है। एक तरफ राहुल गांधी वीआईपी संस्कृति छोड़ने और जनता से सीधे संवाद की नसीहत देते हैं वहीं, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू करीबी मित्रों और चहेतों को रेवड़ियों की तरह कैबिनेट रैंक व पद बांटकर उसी वीआईपी कल्चर को बढ़ावा दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी दिखावे की राजनीति का पर्याय बन चुकी है। कांगड़ा में आयोजित कार्यक्रम में राहुल गांधी की ओर से दिए गए भाषण और वास्तविकता के बीच गहरा विरोधाभास साफ दिखाई देता है। यदि कांग्रेस सच में वीआईपी संस्कृति खत्म करना चाहती है तो सबसे पहले मुख्यमंत्री को आईना दिखाएं। कांग्रेस सरकार ने प्रदेश को कर्ज के बोझ तले दबा दिया है। अब उसी कर्ज को छिपाने के लिए बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। यदि राहुल गांधी वास्तव में गंभीर हैं तो उन्हें हिमाचल के हालात का जमीनी स्तर पर आकलन करना चाहिए। इससे पहले उन्होंने काहनफट्ट में एक भागवत कथा में भाग लिया।