पालमपुर (कांगड़ा)। मिजोरम में ड्यूटी के दौरान हृदय गति रुकने से हुई बीएसएफ जवान मदन मोहन सिंह की मौत के बाद रविवार को उसका पैतृक गांव भट्टू में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया है। सैनिक मदन मोहन सिंह (54) दो दिन पहले जब मिजोरम के डूगणी में ड्यूटी पर तैनात थे तो हृदय गति रुक जाने से उसकी मौत हो गई थी। उनके पार्थिव शरीर को रविवार सुबह ही उनके घर भट्टू लाया गया। मदन मोहन सिंह मूलत धीरा इलाके के बरसोला गांव के रहने वाले हैं। लेकिन, उन्होंने अब भट्टू में अपना मकान बनाया है।
मदन मोहन अपने पीछे पत्नी व दो बच्चों को छोड़ गए। सैनिक के अंतिम संस्कार में सरकार की ओर से सुलह के विधायक एवं सीपीएस जगजीवन पाल मौजूद रहे। जबकि प्रशासन की ओर से तहसीलदार मित्रदेव सेन और पुलिस प्रशासन की ओर से एसएचओ भवारना राज कुमार ने जवानों समेत भाग लिया। मदन मोहन सिंह की मौत का पता चलते ही धीरा व भट्टू के लोग काफी संख्या में रविवार को उनके घर पहुंच गए थे। सुलह ब्लाक कांग्रेस के अध्यक्ष अरुण राणा समेत कई लोग मौजूद रहे। उधर, सुलह के पूर्व विधायक एवं प्रदेश भाजपा महामंत्री विपिन सिंह परमार ने मदन मोहन सिंह के देहांत पर शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं जताई हैं। कहा कि दुख की इस घड़ी में वह परिवार के साथ हैं।