पालमपुर (कांगड़ा)। पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि लोकतंत्र को संसद से घसीटकर सड़क पर लाना 21वीं सदी का सबसे बड़ा दुर्भाग्य है। उन्होंने कहा कि नेतृत्वविहीन और बिखरा हुआ विपक्ष हताशा में राजनीतिक आत्महत्या पर तुला है।
शांता कुमार ने कहा कि 184 पूर्व न्यायाधीशों और वरिष्ठ अधिकारियों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को बिल्कुल सही ठहराया है। उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि यदि आयोग गलत है, तो हिमाचल सहित सात राज्यों में कांग्रेस की सरकारें कैसे बनीं?
उन्होंने विपक्ष को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के गठबंधन धर्म से सीख लेने की नसीहत दी। शांता कुमार ने कहा कि विपक्ष आत्महत्या का रास्ता छोड़कर संसद के रास्ते पर लौटे और भगवान उन्हें सद्बुद्धि दे।