ज्वालामुखी मंदिर में दर्शन के लिए कतारों में लगे श्रद्धालु। -संवाद
ज्वालामुखी/कांगड़ा/चामुंडा। बारिश और ठंड के बावजूद जिला कांगड़ा के प्रमुख शक्तिपीठों में शरद नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ा। पहले ही दिन करीब 51 हजार श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में शीश नवाया। सुबह तीन बजे से ही कतारें लगने के कारण मंदिर प्रशासन ने पांच बजे ही कपाट खोल दिए।
ज्वालामुखी मंदिर में 40 हजार से अधिक, श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में आठ हजार और श्री बज्रेश्वरी मंदिर कांगड़ा में तीन हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी मंदिर में विधायक संजय रत्न ने विधिवत पूजा-अर्चना, घट स्थापना व कन्या पूजन कर नवरात्र का शुभारंभ किया।
मंत्रोच्चारण के बीच पारंपरिक झंडा रस्म निभाई गई। मंदिर को 51 क्विंटल ताजे फूलों से सजाया गया है, जिसकी सेवा कानपुर के श्रद्धालु तिलकराज ने की है। इस दौरान एसडीएम डॉ. संजीव शर्मा, डीएसपी संजय शर्मा और मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल सहित अन्य मौजूद रहे। जय मां ज्वाला क्लब मनसा की ओर से लाइटों की व्यवस्था की गई है और सप्तमी तक लंगर लगाया जाएगा।
डीएसपी संजय शर्मा ने बताया कि सुरक्षा के लिए 125 पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से भीड़ में कीमती सामान और जेवर न पहनकर आने की अपील की है।
उधर, श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में कलश स्थापना और गणेश पूजन के साथ नवरात्र शुरू हुए। आचार्य बालक राम की अगुवाई में 61 विद्वान पंडितों ने धार्मिक अनुष्ठान किए। इस मौके पर डीसी हेमराज बैरवा सहित अन्य यजमान मौजूद रहे। मंदिर अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि नवरात्र में मंदिर सुबह पांच से रात दस बजे तक खुला रहेगा। सुबह हलवे-चने का भोग लगेगा और दोपहर 12 तथा शाम 7:30 बजे आरती के बाद मां को भोग अर्पित किया जाएगा। नवरात्र के दौरान यहां शतचंडी यज्ञ, रुद्राभिषेक और रामायण पाठ भी होंगे।