संवाद न्यूज एजेंसी
नूरपुर (कांगड़ा)। प्रदेश के सरकारी विभागों के पास 495 करोड़ रुपये के बिजली बिलों की राशि लंबित है। इस राशि को बिजली बोर्ड की खाते में तुरंत जमा कराया जाए। अगर समय रहते लंबित बिलों का पैसा बिजली बोर्ड के पास नहीं आता है तो विद्युत प्रबंधन वर्ग विभागों पर कठोर कार्रवाई करें।
यह बात विद्युत बोर्ड पेंशनर फोरम नूरपुर इकाई की बौढ़ में बैठक में प्रधान मान सिंह ने कही। सचिव अरुण सहोत्रा, उपप्रधान सुभाष चौधरी, ऑडिटर राजकुमार, कोषाध्यक्ष अशोक कुमार व मुख्य सलाहकार जटू राम ने कहा कि जल शक्ति विभाग, स्वास्थ्य और लोक निर्माण विभाग जैसे विभागों से यह राशि जल्द वसूल की जाए।
इसके अलावा उन्होंने जनवरी 2016 से 31 मार्च 2022 की अवधि के दौरान रिटायर हुए कर्मचारियों को रिवाइज लीव इनकैशमेंट, ग्रेच्युटी और रिवाइस कम्यूट पेंशन देने की मांग की है। न ही 70 और 75 वर्ष आयु के पेंशनरों को बकाया राशि का भुगतान किया है। मार्च 2024 के बाद रिटायर कर्मचारियों को आज तक लीव इनकैशमेंट और ग्रेच्युटी की पेमेंट भी नहीं की गई। 50 हजार रुपये की संशोधित वेतनमान की बकाया राशि की पहली किस्त भी नहीं दी है।
उन्होंने कहा कि 20 फीसदी रिवाइज ग्रेच्युटी की भी अदायगी नहीं की गई है। इन सभी वित्तीय लाभों को बोर्ड प्रबंधन शीघ्र जारी करें। विद्युत बोर्ड में वर्ष 1990 में कर्मचारियों की संख्या 43 हजार थी और उपभोक्ता नौ लाख थे। आज कर्मचारियों की संख्या मात्र 13 हजार रह गई है और उपभोक्ता 29 लाख हैं। विद्युत बोर्ड में तुरंत स्थायी भर्तियां की जाएं।
अगर हिमाचल प्रदेश सरकार और विद्युत बोर्ड प्रबंधन वर्ग इन तमाम मांगों को पूरा नहीं करता है तो विद्युत पेंशनर फोरम जल्द ही बड़ा आंदोलन करेगा। इस मौके पर प्रेम सिंह, करतार सिंह, प्रताप सिंह, जय राम, कृपाल सिंह, भूरी राम, बलदेव सिंह सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।