धर्मशाला। हिमाचल और पंजाब के बीच भिंडरावाले के पोस्टर लगाने को लेकर चल रहे विवाद के कारण परिवहन कर्मचारियों, स्थानीय व्यापारियों और टैक्सी ऑपरेटरों में गहरा रोष देखने को मिल रहा है। पिछले तीन-चार दिन से सरकारी बसों पर जबरदस्ती भिंडरावाले के पोस्टर लगाए जा रहे हैं लेकिन सरकार की ओर से इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे परिवहन निगम के चालक-परिचालक अपनी जान को जोखिम में डालकर पंजाब की ओर यात्रा कर रहे हैं। इस विवाद के चलते टैक्सी, ट्रक यूनियन का काम सहित पर्यटन कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। पंजाब में इस तरह की गुंडागर्दी के कारण कई लोग वहां जाने से कतरा रहे हैं। वहीं, पंजाब के सैलानी भी हिमाचल आने से कतरा रहे हैं, इससे पर्यटन कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
चालक-परिचालकों की सुरक्षा को सरकार उठाएं कदम-
पंजाब में पिछले चार दिन से एचआरटीसी की बसों में तोड़-फोड़ की जा रही है और भिंडरावाले के पोस्टर लगाए जा रहे हैं। इस विवाद के चलते चालक-परिचालकों के साथ यात्रियों को भी खतरा है। मगर प्रदेश सरकार की ओर से अभी तक उनकी सुरक्षा के लिए कोई संज्ञान नहीं लिया गया है। रोजाना चालक-परिचालक अपनी जान को जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं।
- प्यार सिंह, प्रदेशाध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश परिवहन मजदूर संघ
- इस तरह से विवादों से कारोबार होता है प्रभावित-
हिमाचल और पंजाब के बीच भिंडरावाले के पोस्टर लगाने को लेकर चल रहे विवाद से कारोबार प्रभावित होता। अगर विवाद बढ़ेगा तो पंजाब से सैलानी हिमाचल नहीं आएंगे। सैलानी न आने से कारोबार कम होना, जिसका नुकसान कारोबारियों को झेलना पड़ेगा। पहले भी इस तरह के विवादों के कारण कारोबार को काफी नुकसान पहुंचा है।
- अनुज कश्यप, प्रधान, कोतवाली व्यापार मंडल
पंजाब टैक्सियां भेजने से कतरा रहे चालक
भिंडरावाले के पोस्टर विवाद के कारण टैक्सी चालकों में भी डर का माहौल है। जिस तरह एचआरटीसी की बसों में तोड़-फोड़ की जा रही है और भिंडरावाले के जबरन पोस्टर लगाए जा रहे हैं इससे चालक भी पंजाब जाने से डर रहे हैं। अगर विवाद बढ़ता है तो आने वाले समय में स्थिति और खराब हो सकती है। सरकार को इस बारे कोई ठोस कदम उठाना चाहिए।
- लकिंद्र सिंह, टैक्सी यूनियन बस अड्डा धर्मशाला