फतेहपुर बाजार में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते मजदूर संगठन के पदाधिकारी व कार्यकर्ता। जागर
फतेहपुर (कांगड़ा)। भारतीय मजदूर संघ (भामसं) की हिमाचल प्रदेश इकाई ने विभिन्न मजदूर संगठनों के साथ फतेहपुर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष मदन राणा की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने फतेहपुर सब्जी मंडी से हाड़ा बाजार होते हुए फतेहपुर बाजार तक रैली निकाली। इस दौरान तहसीलदार फतेहपुर के माध्यम से मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को झापन भेजा।
इस दौरान मजदूर संगठन के सदस्यों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर रोष जताया। मुख्यमंत्री को 24 सूत्री मांग पत्र भेजने के बाद मदन राणा ने कर्मचारियों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग उठाई है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि एक माह के भीतर मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में आंदोलन शुरू किया जाएगा।
मदन राणा ने कहा कि संघ पदाधिकारियों के अनुसार 20-21 दिसंबर 2025 को ऊना और मेहतपुर में आयोजित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में कर्मचारियों और श्रमिकों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई थी। ज्ञापन में असंगठित क्षेत्र एवं योजना कर्मियों के लिए न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने, सभी कर्मचारियों को ईपीएफ, ईएसआई और एचआरए का लाभ देने व एचआरए की सीमा बढ़ाने की मांग की गई है।
इसके अलावा आशा वर्कर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मिड-डे मील कर्मियों के मानदेय में वृद्धि, सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने और पांच लाख रुपये ग्रेच्युटी देने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई है। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को भी जल्द पूरी तरह से लागू किया जाए।