रैहन में श्रीमद्भागवत कथा सुनते श्रद्धालु। -स्रोत: आयोजक
रैहन (कांगड़ा)। रैहन खेल मैदान में चल रही श्रीमद् भागवत महापुराण सप्ताह ज्ञान यज्ञ में कथा वाचक स्वामी राघवानंद जी महाराज ने धर्म और अधर्म के संघर्ष पर आधारित दिव्य प्रसंगों का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि संसार में सभी कथाओं में भागवत कथा को श्रेष्ठ माना गया है और इसका आयोजन होने वाला स्थान तीर्थ स्थल कहलाता है।
उन्होंने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अत्याचार और अधर्म का बोलबाला हुआ, तब-तब भगवान ने विभिन्न अवतार धारण कर दुष्टों का संहार किया और धर्म की स्थापना की। श्री राधा माधव सेवा समिति रैहन की ओर से आयोजित कथा के चौथे दिन स्वामी राघवानंद जी ने कहा कि जरासंध, शिशुपाल और कंस जैसे अत्याचारी दैत्यों का आतंक बढ़ने पर समस्त देवता ब्रह्मा जी की शरण में गए।
ब्रह्मा जी के मार्गदर्शन में भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लेकर इन दुष्टों का विनाश किया और साधु-संतों तथा देवताओं की रक्षा की। उन्होंने बावन अवतारों का सुंदर वर्णन किया और श्रीकृष्ण जन्म कथा का दिव्य श्रवण कराया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण जन्म एवं बावन अवतार से संबंधित सुंदर झांकियां भी निकाली गईं।