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Kangra News: बैंक ने समय से पूर्व दी शिकायत, चेक बाउंस मामले का आरोपी बरी

Fri, 29 May 2026 01:22 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
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धर्मशाला। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी देहरा की अदालत ने चेक बाउंस होने के मामले में आरोपी को बरी कर दिया। अदालत ने माना कि बैंक की ओर से दायर शिकायत कानूनी अवधि पूरी होने से पहले दाखिल कर दी थी, इसलिए मामला विचारणीय नहीं बनता।
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संसारपुर टैरेस स्थित राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा ने क्षेत्र के व्यक्ति खिलाफ वर्ष 2016 में शिकायत दायर की थी। बैंक का आरोप था कि आरोपी ने 20 लाख रुपये का ऋण लिया था और ऋण अदायगी के लिए चार लाख रुपये का चेक जारी किया था। इसमें कहा था कि 11 जुलाई 2016 का यह चेक 16 जुलाई 2016 को पर्याप्त राशि न होने के साथ बाउंस हो गया था।
बैंक ने आरोपी को 19 जुलाई 2016 को कानूनी नोटिस भेजा, जो 27 जुलाई 2016 को प्राप्त हुआ। इसके बाद बैंक ने 9 अगस्त 2016 को अदालत में शिकायत दायर कर दी। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि आरोपी को नोटिस मिलने के बाद कानूनन 15 दिन का समय भुगतान के लिए दिया जाना जरूरी था लेकिन शिकायत अवधि पूरी होने से पहले ही दायर कर दी गई। ऐसे में शिकायत समयपूर्व और गैर-मान्य है।
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अदालत ने रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद पाया कि नोटिस 27 जुलाई 2016 को प्राप्त हुआ था और 15 दिन की वैधानिक अवधि 11 अगस्त 2016 को पूरी होती थी। ऐसे में शिकायत 12 अगस्त 2016 के बाद ही दायर की जा सकती थी, जबकि बैंक ने 9 अगस्त 2016 को ही अदालत का दरवाजा खटखटा दिया।
अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले ‘योगेंद्र प्रताप सिंह बनाम सावित्री पांडे’ का हवाला देते हुए कहा कि 15 दिन की अवधि पूरी होने से पहले दायर शिकायत कानून की नजर में वैध शिकायत नहीं मानी जा सकती। इसी आधार पर अदालत ने बैंक की शिकायत को समयपूर्व और गैर-मान्य मानते हुए आरोपी को धारा 138 निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट के आरोप से बरी कर दिया।
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