फंगेड़ में किया कुलदेवी मंदिर सड़क का उद्घाटन
संवाद न्यूज एजेंसी
डरोह/पालमपुर (कांगड़ा)। प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष एवं सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा है कि कांग्रेस को कांगड़ा जिले की याद विकास के लिए नहीं, बल्कि सत्ता बचाने के लिए आती है।
उन्होंने कहा कि जब सत्ता में बैठकर जनता के वादे पूरे करने का समय था, तब सरकार की प्राथमिकताओं में कांगड़ा कहां था। अब जब विधानसभा चुनाव सामने दिखाई देने लगे हैं, तो अचानक कांगड़ा में बैठकों, राजनीतिक गतिविधियों और संगठनात्मक नियुक्तियों की हलचल तेज होने लगी है। यह महज संयोग नहीं, बल्कि कांग्रेस की उस राजनीति का प्रमाण है जिसमें जनता की याद पांच साल नहीं, केवल चुनाव के समय आती है।
समन फंगेड़ में कुलदेवी मंदिर सड़क का उद्घाटन करने के बाद लोगों को संबोधित करते हुए परमार ने कहा कि कांग्रेस को यह स्पष्ट कर देना चाहिए कि क्या कांगड़ा जिला केवल चुनाव के समय वोट मांगने का मैदान है और चुनाव जीतने के बाद उसे उसके हाल पर छोड़ देना ही सरकार की नीति है।
प्रदेश के सबसे बड़े जिले और 15 विधानसभा क्षेत्रों वाले कांगड़ा की राजनीतिक अहमियत कांग्रेस को खूब समझ आती है। सत्ता की चाबी कांगड़ा के हाथ में होने का एहसास कांग्रेस को चुनाव के समय तो खूब होता है, लेकिन विकास, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और बुनियादी सुविधाओं के मामले में यही जिला सरकार की प्राथमिकताओं में कितना स्थान रखता है, इसका जवाब जनता मांग रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले गारंटियों की ऐसी झड़ी लगाई थी, मानो हिमाचल प्रदेश में हर समस्या का समाधान चुटकी बजाते ही हो जाएगा। कांग्रेस ने वादे करते समय खजाने की चिंता नहीं की, लेकिन सत्ता में आते ही जनता को आर्थिक मजबूरियों और संसाधनों की कमी का पाठ पढ़ाना शुरू कर दिया।