श्रोताओं ने कार्यक्रम के दौरान ही कलाकारों को नकद राशि देकर किया सम्मानित
डमटाल (कांगड़ा)। उपमंडल इंदौरा के डाह कुलाड़ा से राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त प्रसिद्ध संगीतज्ञ पंडित सुदर्शन शर्मा का जयंती समारोह मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में पंडित सुदर्शन शर्मा के शिष्य रहे रछपाल गुलेरिया ने गणेश वंदना से की। उन्होंने अपने गुरु के सम्मान में लिखी एक गजल प्रस्तुत की। इसके बाद ख्याल, टप्पा, ठुमरी गायन शैली की प्रसिद्ध आवाज और दिल्ली में एनसीईआरटी के संगीत विभाग में शोधकर्ता डॉ. रिचा शर्मा ने राग जौनपुरी में अपनी मधुर आवाज की प्रस्तुति दी। इसके बाद ख्याल और ठुमरी गायकी के बहुमुखी प्रसिद्ध सारंगी वादक विनायक सहाय, प्रसिद्ध तबला वादक अजयपाल सिंह, तबला उस्ताद कृष्ण कुमार, पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा स्वर्ण पदक विजेता प्रसिद्ध वायलिन वादक प्रशांत मिश्रा की इंस्ट्रूमेंटल प्रस्तुति ने भी खूब तालियां बटोरीं।
वहीं, पंडित सुदर्शन शर्मा की बेटी विदुषी सुनंदा शर्मा ने शास्त्रीय संगीत के विभिन्न रागों पर आधारित प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान वायलिन, सारंगी और तबला की प्रस्तुति से प्रभावित होकर संगीत प्रेमी रिटायर्ड प्रिंसिपल सुदर्शन देव ने तीनों कलाकारों को 31-31 हजार रुपये की राशि प्रदान की। वहीं, डॉ. रिचा शर्मा की गायकी और उक्त तीनों कलाकारों को जेएस पटियाल ने 5100-5100 रुपये नकद इनाम स्वरूप प्रदान किए। गौर है कि इंदौरा के डाह कुलाड़ा के पंडित सुदर्शन शर्मा को राष्ट्रीय स्तर तक संगीत में पहचान बनाने के प्रयासों पर भारत सरकार की ओर से वर्ष 1988 में तत्कालीन उपराष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा ने पुरस्कार दिया था। सुदर्शन देव ने अगले साल फिर इस समारोह को करवाने के लिए 2 लाख रुपये देने की घोषणा की। वहीं विदुषी सुनंदा शर्मा ने कहा कि अगले साल यह जयंती समारोह अंतरराष्ट्रीय स्तर का होगा।