रैहन (कांगड़ा)। नागरिक अस्पताल जवाली में नियमित रेडियोलॉजिस्ट न होने से मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए तीन से चार माह बाद की तिथि मिल रही है। इसका सबसे अधिक असर गर्भवती महिलाओं, गंभीर मरीजों और तत्काल जांच की जरूरत वाले लोगों पर पड़ रहा है। उन्हें मजबूरन नागरिक अस्पताल नूरपुर, टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
नागरिक अस्पताल जवाली में प्रतिदिन विभिन्न पंचायतों से 200 से 300 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। मरीजों का कहना है कि आपात स्थिति में इतनी लंबी प्रतीक्षा संभव नहीं है जिससे उन्हें निजी अस्पतालों में महंगी जांच करवानी पड़ती है। लोगों ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल में स्थायी रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति कर प्रतिदिन अल्ट्रासाउंड सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग की है।
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए पांच-छह माह बाद की तारीख मिलना मरीजों के साथ अन्याय है। सरकार को जल्द स्थायी रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति करनी चाहिए। -अंकुर भडवाल, पूर्व पार्षद
जवाली जैसे बड़े क्षेत्र के अस्पताल में प्रतिदिन अल्ट्रासाउंड सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए जिससे मरीजों को दूसरे शहरों के चक्कर न लगाने पड़ें। -गोरख महाजन, जवाली
जब तक स्थायी नियुक्ति नहीं होती, तब तक सप्ताह में कम से कम चार-पांच दिन डेपुटेशन पर रेडियोलॉजिस्ट की सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएं। -विपन शर्मा, समाजसेवी
अस्पताल में स्थायी रेडियोलॉजिस्ट तैनात नहीं है। वर्तमान में नागरिक अस्पताल नूरपुर से एक रेडियोलॉजिस्ट डेपुटेशन पर प्रत्येक शुक्रवार को आते हैं। सीमित उपलब्धता के कारण मरीजों को आगे की तिथियां देनी पड़ती हैं। स्थायी रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति होने पर समस्या का समाधान हो जाएगा। -डॉ. अमन दुआ, बीएमओ, जवाली
विपिन शर्मा, जवाली
विपिन शर्मा, जवाली
विपिन शर्मा, जवाली