ऐतिहासिक शिव मंदिर की संरचना की सुरक्षा का जायजा लेने आई मंडी आईआईटी की टीम। संवाद
बैजनाथ (कांगड़ा)। आईआईटी मंडी की टीम ने शुक्रवार को ऐतिहासिक शिव मंदिर बैजनाथ के समीप की दरक रही पहाड़ी का निरीक्षण किया। एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. काला वी उदय की अगुवाई में तीन सदस्यीय टीम मंदिर में पहुंची और पहाड़ी दरकने से रोकने के लिए तीन विकल्प सुझाए। डॉ. काला ने बताया कि इस पहाड़ी को कंक्रीट से रोका जा सकता है लेकिन इससे पहाड़ी का ग्रीन एरिया समाप्त हो जाएगा। दूसरे ईको फ्रेंडली तरीके से इसकी सुरक्षा की जा सकती है।
तीसरे इस पहाड़ी के अंदर तक दो-तीन मीटर तक बोल्ट लगाकर वायर और प्लेट से इसे कवर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वह पर्यावरण प्रेमी हैं और इस पहाड़ी को हरा-भरा रखने के पक्ष में ही सुरक्षा के किसी विकल्प का सुझाव देंगे। उन्होंने बताया कि इसकी रिपोर्ट जिलाधीश को दी जाएगी। इस दौरान मंदिर न्यास के सहायक आयुक्त एवं एसडीएम देवी चंद ठाकुर, सचिव एवं तहसीलदार रमन ठाकुर और ट्रस्टी मिलाप राणा, रमेश चड्डा और मुनीश शर्मा इस दल के साथ उपस्थित रहे। गौरतलब है कि पिछले 10-12 वर्षों से मंदिर की एक तरफ बिनवा खड्ड के साथ लगती पहाड़ी हर बरसात में दरक रही है। इसके चलते मंदिर की संरचना को खतरा पैदा हो गया है। इस पर जिलाधीश ने संज्ञान लेते हुए आईआईटी मंडी के विशेषज्ञों की टीम को यह जिम्मेवारी सौंपी है। उधर, विधायक किशोरी लाल ने बताया कि उन्होंने शिव मंदिर की सुरक्षा का मामला विधानसभा में उठाया था और उसी के चलते यह प्रक्रिया शुरू हुई है। रिपोर्ट के आने के बाद इसकी सुरक्षा के लिए आवश्यकता अनुसार बजट का प्रावधान करवाया जाएगा।