मोर्चा ने जबरदस्ती पैसे की उगाही करने का लगाया आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
पालमपुर (कांगड़ा)। कर्मचारी संघर्ष मोर्चा ने मेलों में कर्मचारियों से पैसों की पर्ची काटने का विरोध किया है। मोर्चा का कहना है कि मेले में कारोबारियों से इंचों के हिसाब से लाखों रुपये लेते हैं। बावजूद इसके कर्मचारियों से भी पैसे लिए जाते हैं। कर्मचारियों के हर बार 200 से 500 रुपये तक की पर्ची काटकर लाखों रुपये बटोरे जाते हैं। मेलों के आयोजनों के लिए कर्मचारियों से पैसे लेने का क्या औचित्य है। ऐसा कर कर्मचारियों को सरेआम शोषण किया जाता है।
कर्मचारियों ने इस बात का विरोध जताया है कि उनकी पर्ची तो जबरदस्ती काट दी जाती है। जब महंगाई भत्ते की बात आती है तो दान रूपी खजाना खाली बताकर कर्मचारियों का अन्य तरीके से शोषण कर महंगाई भत्ते की बात को दबा दिया जाता है। कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के प्रदेश संस्थापक प्रवीण शर्मा, वरिष्ठ सलाहकार डॉ. अरुण दत्त और रविंद्र शर्मा मल्लू ने कहा कि मेलों के समय में जबरदस्ती पर्चियां काटी जाती हैं, जबकि जिस ग्राउंड में मेला लगता है, वहां की जगह इंचों के हिसाब से करोड़ों में बिकी होती है और उससे भी भारी भरकम पैसा कमाया जाता है। मोर्चा ने कहा कि जब महंगाई भत्ता नहीं देते तो फिर पर्चियां किस बात की काटते हैं।
कहा कि यह विधान में लिखित नहीं है कि मेलों के आयोजन में कर्मचारियों से जबरदस्ती पैसे लिए जाएं और उनका शोषण भी हो ताकि कोई अपनी आवाज ही न उठा पाए।