देहरा (कांगड़ा) में हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय में ‘विकसित भारत’ विषय पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। कुलपति प्रो. बंसल ने 2040 तक भारत के विकसित राष्ट्र बनने के साथ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में छात्रों ने भी भाग लिया।
देहरा (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसपी बंसल ने कहा कि भारत का विकसित राष्ट्र बनने का सपना 2047 से पहले 2040 तक पूरा किया जा सकता है। देश तभी वास्तविक रूप से विकसित कहलाएगा, जब उसके विकास के साथ कला, संस्कृति और विरासत भी जीवित रहेंगी। इनका संरक्षण जरूरी है।
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वह शुक्रवार को केंद्रीय विश्वविद्यालय के देहरा परिसर में राष्ट्रीय पहल ‘विकसित भारत’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। कुलपति ने छात्रों और युवाओं को अपनी जड़ों को न भूलकर आधुनिक बनने का मार्ग अपनाने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में छात्रों और युवाओं को एक मजबूत और आधुनिक भारत के निर्माण में उनकी भूमिका और अपनी संस्कृति और विरासत को संजोकर रखने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में कुलसचिव प्रो. नरेंद्र सांख्यान ने कहा कि किसी राष्ट्र की महानता सिर्फ ऊंची-ऊंची इमारतों और बड़ी अर्थव्यवस्था से नहीं होती, बल्कि कला और संस्कृति ही भारत की आत्मा हैं। प्रतियोगिता में डीएवी स्कूल के 250 से अधिक छात्र शामिल हुए और 75 मीटर लंबा कैनवास पर ‘विकास और विरासत’ विषय पर चित्र बनाए। इस अवसर पर प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। इस मौके पर प्रो. प्रदीप, प्रो. निरुपमा और विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार भी उपस्थित रहे।