संवाद न्यूज एजेंसी
बैजनाथ (कांगड़ा)। राजीव गांधी राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय पपरोला में कार्यरत सफाई कर्मचारियों के साथ ठेकेदार की ओर से कथित रूप से श्रम कानूनों के उल्लंघन का मामला सामने आया है। सीटू जिला कमेटी कांगड़ा ने आरोप लगाया है कि कर्मचारियों को सरकार की ओर से निर्धारित न्यूनतम मजदूरी नहीं दी जा रही और कई माह से मेहनताना भी लंबित है। सीटू के जिला सचिव रविंद्र कुमार, जिला प्रधान केवल कुमार और जिला वित्त सचिव अशोक कटोच ने बताया कि एक अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक कर्मचारियों को 400 रुपये प्रतिदिन की दर से मजदूरी दी गई, जबकि प्रदेश सरकार ने इस अवधि के लिए 449 रुपये प्रतिदिन न्यूनतम वेतन तय किया था। इस तरह प्रति कर्मचारी 49 रुपये प्रतिदिन की कटौती हुई, जिसका बकाया अभी तक नहीं दिया गया है। इसके अलावा नवंबर 2025 से कर्मचारियों को मेहनताने का भुगतान नहीं किया गया है।
यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों को वेतन पर्ची और पहचान पत्र भी उपलब्ध नहीं करवाए गए हैं। राष्ट्रीय व राजकीय अवकाश 26 जनवरी, 15 अगस्त और दो अक्तूबर को भी उनसे कार्य लिया जाता है, लेकिन नियमानुसार दोगुना भुगतान नहीं किया जाता। सीटू ने कॉलेज प्रशासन और ठेकेदार से लंबित मेहनताना तुरंत जारी करने, न्यूनतम मजदूरी का पूरा बकाया देने और सभी श्रम कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि समाधान न होने पर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि श्रम अधिकारी धर्मशाला और श्रम निरीक्षक पालमपुर के समक्ष भी मामला विचाराधीन है। अगर वहां से न्याय नहीं मिलता तो आंदोलन शुरू किया जाएगा।