धर्मशाला। जिला कांगड़ा में नूरपुर के बाद अब क्षेत्र में एक और नशा मुक्ति केंद्र खोला जाएगा। इसके लिए जिला कल्याण विभाग, रेडक्रॉस सोसायटी और शिक्षा विभाग भूमि की तलाश कर रहे हैं। शिक्षा विभाग की ओर से अभी तक 4-5 साइट देखी गई हैं लेकिन प्राथमिकता के आधार पर टांडा के नजदीकी जमीन ढूंढी जा रही है। यहां से आपातकालीन स्थिति में मात्र 30 मिनट का सफर तय कर मरीज को अस्पताल पहुंचाया जा सकेगा। इसके लिए टांडा और धर्मशाला के बीच बंद किए गए दो प्राइमरी स्कूलों इच्छी और झियोल के भवन को भी देखा गया है, लेकिन अभी तक साइट फाइनल नहीं हो पाई है।
कांगड़ा के नूरपुर में सफलतापूर्वक संचालित किए जा रहे नशा मुक्ति केंद्र के बाद टांडा अस्पताल के नजदीकी क्षेत्र में एक और नशा मुक्ति केंद्र खोलने की योजना है। भवन में चहारदीवारी दीवारी और बेहतर सुविधाओं के बाद ही उसे चिह्नित किया जाएगा। भवन चिह्नित होने के बाद रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से प्रस्ताव बनाकर शिमला भेजा जाएगा। इससे पहले जिला कल्याण विभाग और रेडक्रॉस सोसायटी की शिमला में उच्चाधिकारियों के साथ बैठक होगी। इसके बाद जिला उपायुक्त या सहायक आयुक्त चिह्नित भवन में दी जाने वाली सुविधाओं का निरीक्षण करेंगे।
जिला कांगड़ा में शिक्षा विभाग की ओर से रेडक्रॉस सोसायटी और जिला कल्याण विभाग को 4-5 साइटें दिखाई गई हैं। इनमें से इच्छी और झियोल प्राइमरी स्कूल का भवन भी शामिल है। डीसी और एडीसी इसका निरीक्षण करेंगे। इसके बाद रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से प्रस्ताव तैयार कर शिमला भेजा जाएगा।
-संजय ठाकुर, सहायक निदेशक, प्रारंभिक शिक्षा विभाग कांगड़ा
रेडक्रॉस सोसायटी की मदद से जिले में एक और नशा मुक्ति केंद्र खोला जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से कुछ साइटें दिखाई गई हैं। शिमला से निर्देश मिलने के बाद प्रस्ताव बनाकर निदेशालय भेजा जाएगा।
- मंजुल ठाकुर, अतिरिक्त जिला कल्याण अधिकारी कांगड़ा