ये हैं ओबीसी की प्रमुख मांगें
ओबीसी के 20 सूत्री मांगपत्र पर सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्ष में बैठी भाजपा चुप है। ओबीसी के लोग हिमाचल में 93वें संविधान संशोधन 2005 के अनुसार सभी शिक्षण संस्थानों में आरक्षण लागू करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा केंद्रीय एवं राज्य विश्वविद्यालयों में ओबीसी विद्यार्थियों के लिए छात्रावासों का निर्माण भी प्रमुख मांग है। राइट टू एजुकेशन एक्ट को राज्य में पूर्ण रूप से लागू करने की भी गुहार है। ओबीसी की मांग है कि नौकरी और सेवाओं में समान अवसर प्रदान किए जाने चाहिए।
जनगणना जल्द करवाई जाए
ओबीसी संघर्ष समिति का कहना है कि हिमाचल विधानसभा व लोकसभा में ओबीसी के लिए आरक्षित सीटें तय की जाए। ओबीसी जनगणना प्रदेश में जल्द करवाई जाए। ओबीसी कल्याण के लिए अलग बजट का प्रविधान किया जाए। ओबीसी के बजट से बनाए गए भवनों पर तथाकथित नेताओं ने कब्जा करके रखा है, उन भवनों को भी ओबीसी संगठनों को जल्द सौंपे।