धान की लिफ्टिंग को 10 ट्रकों की व्यवस्था कर प्लेटफॉम में अतिरिक्त जगह बनाने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर (कांगड़ा)। धान की फसल को बेचने के लिए पिछले एक सप्ताह से परेशान हो रहे किसानों को सोमवार को राहत मिली है। किसानों को फसल बेचने के लिए करना पड़ रहे इंतजार से हो रही समस्या पर प्रशासन की भी निद्रा टूटी और सोमवार को मौके पर पहुंच कर अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेकर प्रबंधों को दुरूस्त करने के निर्देश दिए। जिसके चलते पांच-छह दिनों से गाड़ियों में भरकर लाई फसल को किसान बेच पाए हैं।
फतेहपुर, रियाली और मिलवा धान मंडियों में समय पर अनाज के न बिक पाने और धान से भारी गाड़ियों के खाली न हो पाने से परेशान किसानों के लिए सोमवार को थोड़ी राहत होती दिखी। एसडीएम फतेहपुर विश्रुत भारती ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इसके अतिरिक्त जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक पुरुषोत्तम सिंह की अगुवाई में टीम मंडियों में पहुंची। टीम में उनके साथ निरीक्षक तरुण सूद, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक वेदिका शर्मा, सुनील कुमार प्रभारी सिविल सप्लाई, सुनील कुमार डाटा एंट्री आपरेटर तथा सपना मौजूद रहे। पूरी स्थिति के आंकलन के बाद 10 ट्रक धान के लिफ्टिंग करने के अतिरिक्त बोरियों के ढेर की ऊंचाई 12 बोरियों की लेन से बढ़ाकर 20 बोरियों की लेन तक करने के निर्देश दिए गए। इनसे प्लेटफॉर्म पर अतिरिक्त जगह बनेगी। पुरषोत्तम सिंह ने कहा कि विभाग की तरफ से 17 हजार क्विंटल धान आने की उम्मीद थी, मगर पूर्वानुमान से ज्यादा अब तक 35 हजार क्विंटल से ज्यादा धान खरीदा जा चुका है। उन्होंने आश्वस्त किया कि दो दिनों में सभी किसानों का धान खरीद हो जाएगी। वहीं, एसडीएम फतेहपुर विश्रुत भारती ने कहा कि किसानों की समस्याओं के हल के लिए विभाग प्रयासरत है।
- सोमवार को पांच दिनों बाद धान बिका। भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा किसानों को पेश न आए, इसके लिए सरकार को व्यवस्था करनी चाहिए।
-सुरिंद्र पाल, किसान
- चार दिन बाद फसल बेचने के लिए नंबर आया है। फसल बिकने के बाद अब थोड़ा राहत महसूस कर रहा हूं।
- बशीर, किसान
- धान बेचने के लिए पांच दिन लग गए। इससे खेतीबाड़ी का अन्य काम भी प्रभावित हो रहा था। सोमवार को धान बिकने के बाद अब गेहूं की बीजाई का कार्य कर सकेंगे।
-कश्मीर सिंह, किसान
- फसल बेचने के लिए मंडियां तो शुरू कर दी गई लेकिन पूरी व्यवस्था न होने से किसानों को परेशान होना पड़ा है। सरकार सुनिश्चित करे कि भविष्य में किसान की फसल समय पर बिके।
- बलवंत सिंह, किसान
बलवंत सिंह
बलवंत सिंह
बलवंत सिंह