फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तकनीकी शिक्षा को आवश्यकताओं के अनुरूप ढालना आज की जरूरत: डाॅ. सुदेश

Fri, 27 Jun 2025 01:09 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
विज्ञापन
विज्ञापन
पालमपुर (कांगड़ा)। वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग, शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार एवं बलिदानी कैप्टन विक्रम बतरा राजकीय महाविद्यालय पालमपुर के संयुक्त तत्वावधान दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी हुई। सीएसआईआर संस्थान पालमपुर में आयोजित यह संगोष्ठी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का क्रियान्वयन बहु- विषयक शिक्षण एवं क्षेत्रीय भाषाओं में तकनीकी शब्दावली विषय पर आधारित थी। कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक डाॅ. सुदेश कुमार यादव ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
विज्ञापन

डॉ. सुदेश कुमार यादव ने कहा कि तकनीकी शिक्षा को समकालीन आवश्यकताओं के अनुरूप ढालना आज की बड़ी जरूरत है। नई शिक्षा नीति में एक विषय का ज्ञान ही नहीं, बल्कि अन्य विषय का ज्ञान होना भी जरूरी है। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अनुपम डोगरा ने सबका स्वागत कर संगोष्ठी के उद्देश्य की रुपरेखा प्रस्तुत की। जेएस रावत सहायक निदेशक सीएसटीटी ने बताया कि हिंदी तथा अन्य भारतीय भाषाओं की मानक शब्दावली को लोकप्रिय बनाने तथा इसके प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए वैज्ञानिक तकनीकी शिक्षा आयोग निरंतर कार्यक्रमों का आयोजन करता है। प्रो. कुलभूषण चंदेल (राष्ट्रीय शिक्षा नीति समन्वयक, एचपीयू शिमला) ने शैक्षणिक एवं संस्थागत स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन की चुनौतियों पर प्रकाश डाला। प्रो. नरेंद्र सांख्यान ने उच्च शिक्षा में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए बहुभाषीय और बहुविषयक दृष्टिकोण की आवश्यकता को रेखांकित किया। इस संगोष्ठी में 140 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें