धर्मशाला में उपायुक्त कार्यालय परिसर में प्रदर्शन करते एबीवीपी कार्यकर्ता। -संवाद
धर्मशाला। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने बुधवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन उड़ीसा के बालासोर जिले में कॉलेज विभागाध्यक्ष द्वारा छात्रा के साथ यौन और मानसिक उत्पीड़न के चलते आत्मदाह करने और कांगड़ा बस अड्डे पर महिला के साथ हुई अभद्रता की घटनाओं के विरोध में किया गया।
प्रदर्शन के दौरान परिषद ने स्पष्ट किया कि उड़ीसा की घटना आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या है। इस घटना ने पूरे देश की आत्मा को झकझोर दिया है। परिषद ने दोनों घटनाओं को शर्मनाक बताते हुए दोषियों को शीघ्र सजा देने और महिला सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने की मांग की।
एबीवीपी के राष्ट्रीय मंत्री राहुल राणा ने कहा कि भारत की संस्कृति ‘नारी तू नारायणी’ के सिद्धांत पर आधारित रही है, लेकिन आज शिक्षा जैसे पवित्र स्थानों में बेटियां आत्मदाह जैसे भयावह कदम उठाने को मजबूर हो रही हैं। उन्होंने हिमाचल जैसे शांतिप्रिय राज्य में भी महिलाओं के साथ बढ़ती घटनाओं को चिंताजनक बताया।
प्रदेश सह मंत्री अभिनव चौधरी ने कहा कि कांगड़ा बस अड्डे पर महिला के साथ हुई घटना प्रदेश की कानून व्यवस्था की पोल खोलती है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर महिला सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है। अगर यह सुनिश्चित नहीं की गई तो परिषद मजबूती से सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।
एबीवीपी ने राज्य और केंद्र सरकार से मांग की कि दोषियों को जल्द सजा दिलाई जाए और महिला सुरक्षा के लिए जमीनी स्तर पर प्रभावी कदम उठाए जाएं। परिषद ने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई में देरी हुई तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।