धर्मशाला। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के संगठनात्मक जिला कांगडा के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय धर्मशाला के बाहर प्रदेश सरकार की कथित शिक्षा विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्र संघ चुनाव बहाली और गेस्ट फैकल्टी नीति के विरोध में सरकार को ज्ञापन भेजा।
प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी के राष्ट्रीय मंत्री राहुल राणा ने कहा कि कांग्रेस सरकार जब से सत्ता में आई है, तब से शिक्षा विरोधी रवैये पर कायम है। सबसे पहले सरकार ने एसपीयू मंडी का दायरा घटाया। फिर गेस्ट टीचर पॉलिसी को लाकर शिक्षा का स्तर गिराया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार देने में असफल हुई है। इससे हिमाचल का युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।
इस दौरान एबीवीपी की प्रदेश मंत्री नैंसी अटल ने सूबे में बढ़ रहे नशे पर भी चिंता जताते हुए नशा माफिया का घेराव किया। प्रदेश सह मंत्री अभिनव चौधरी ने कहा कि प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों की खराब हालत सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों का परिणाम है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने अपना रवैया नहीं बदला तो एबीवीपी उग्र आंदोलन करेगी।
प्रदर्शन के बाद एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त कांगडा हेमराज बैरवा के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। इसमें छात्र संघ चुनाव बहाल करने, नशे पर रोक लगने और शिक्षक एवं गैर-शिक्षक वर्ग के रिक्त पदों को जल्द भरने की मांग उठाई।