गंगथ (कांगड़ा)। ''''मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना'''' के अंतर्गत बीपीएल सूची के पुनरीक्षण और पारदर्शी चयन को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। सूची में केवल वास्तविक व जरूरतमंद परिवारों को शामिल करने और फर्जीवाड़ा रोकने के उद्देश्य से तीन सदस्यीय संयुक्त जांच कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी में संबंधित क्षेत्र के पटवारी, पंचायत सचिव और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को शामिल किया गया है, जो सीधे धरातल पर उतरकर प्रत्येक परिवार की आर्थिक व सामाजिक स्थिति की पड़ताल करेंगे।
गठित संयुक्त कमेटी घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन (ग्राउंड वेरिफिकेशन) करेगी। जांच दल परिवार के रहन-सहन, आय के वास्तविक साधनों, जमीन-जायदाद, पक्के मकान और नौकरी की स्थिति का मौके पर मुआयना करेगा, ताकि कोई भी पात्र छूटे नहीं और अपात्र लाभ न ले सके। पटवारी परिवार की कुल कृषि भूमि और राजस्व रिकॉर्ड का मिलान करेंगे। पंचायत सचिव परिवार की वार्षिक आय, सरकारी योजनाओं के पिछले लाभ और परिवार रजिस्टर का ब्योरा जांचेंगे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर परिवार के वास्तविक जीवन स्तर, दिव्यांगता, अनाथ बच्चों और महिलाओं की स्थिति का ब्योरा उपलब्ध करवाएंगी।
एसडीएम इंदौरा डॉ. सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि अब तक आठ चरणों में 1334 लोग योजना के पात्र पाए गए हैं। नौवें चरण में गठित कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर सूची की बारीक छंटनी की जाएगी। चेतावनी दी है कि गलत सत्यापन या लापरवाही बरतने पर संबंधित कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।