धर्मशाला। सड़क दुर्घटना में स्थायी रूप से दिव्यांग हुए व्यक्ति को बीमा कंपनी 49.44 लाख रुपये का मुआवजा देगी। बीमा कंपनी को इस राशि पर 7.5 फीसदी वार्षिक ब्याज भी चुका होगा। यह फैसला मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल कांगड़ा स्थित धर्मशाला के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश चौहान ने मुनीश कुमार निवासी मिशन रोड कांगड़ा की याचिका पर सुनाया है।
जानकारी के अनुसार 1 अक्टूबर 2019 की शाम लगभग 7:30 बजे मुनीश कुमार अपनी मोटरसाइकिल पर परागपुर से कांगड़ा लौटे रहे थे। इस दौरान हरिपुर-दोसड़का के पास रानीताल से देहरा की ओर जा रही हरियाणा रोडवेज की बस ने तेज और लापरवाह गति से उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। दुर्घटना में मुनीश कुमार को गंभीर चोटें आईं। उपचार के दौरान उनका एक पैर भी खो गया।
घटना के संबंध में थाना हरिपुर में मामला दर्ज करवाया गया। याचिकाकर्ता ने 90 लाख रुपये का मुआवजा मांगा था। उन्होंने तर्क दिया कि दुर्घटना से न केवल उनका व्यापार चौपट हुआ, बल्कि वह स्थायी रूप से दिव्यांग भी हो गया है। उन्हें पत्नी-बच्चों के भरण-पोषण के अलावा एक निजी सहायक पर मासिक खर्च वहन करना पड़ रहा है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने कहा कि बस चालक प्रदीप सिंह की लापरवाह ड्राइविंग से पीड़ित को जीवनभर के लिए दिव्यांग बनाने वाले हादसों में उचित मुआवजा दिलाना न्यायालय की प्राथमिक जिम्मेदारी है। अदालत ने बस मालिक हरियाणा रोडवेज (गुरुग्राम) और ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी को जिम्मेदार ठहराया और याचिकाकर्ता को 49,44,742 रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए। मुआवजा 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ याचिका दायर करने की तिथि 31 जुलाई, 2020 से लेकर वसूली तक अदा करने का आदेश दिया है। यह राशि बीमा कंपनी ओरिएंटल इंश्योरेंस को अदा करनी होगी।