कांगड़ा। टांडा मेडिकल कॉलेज के इंटरनल हॉस्टल के एक कमरे में वीरवार देर शाम करीब सवा आठ बजे आग लग गई। इससे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। चिकित्सकों के शोर मचाने के बाद आसपास सेवाएं दे रहा स्टाफ मौके पर पहुंचा और प्रशिक्षु चिकित्सकों को बाहर निकाला। इस बीच दो प्रशिक्षु बेहोश भी हो गए। बाद में उनका उपचार किया गया। बताया जा रहा कि हॉस्टल में 50 के करीब प्रशिक्षु चिकित्सक रहते हैं। उधर, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
देर शाम आग लगने के बाद स्टाफ ने पानी से आग पर काबू पाने की कोशिश की, मगर देखते ही देखते इसने भयंकर रूप धारण कर लिया। बाद में तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया। फायर ब्रिगेड ने पहले एक गाड़ी घटनास्थल पर भेजी। आग भयंकर होने के कारण दूसरी गाड़ी भी भेजनी पड़ी। इसके बाद ही आग पर काबू पाया जा सकता।
आग से हॉस्टल का एक कमरा पूरी तरह से राख हो गया है। इसमें रखा सामान भी जल गया है। हजारों रुपये के नुकसान की संभावना जताई जा रही है। देर रात स्टाफ, चिकित्सक और अन्य लोग आग पर काबू पाने में जुटे रहे। उधर, अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रधान साहिब सिंह ने बताया कि आग से हजारों रुपये का नुकसान हो गया है। स्टाफ और फायर ब्रिगेड की सहायता से आग पर काबू पा लिया गया है।
कोट्स
एमएस डा. दिनेश सूद ने बताया कि आग से हॉस्टल का एक कमरा जल गया है। टीएमसी के प्रधानाचार्य अनिल चौहान ने कहा कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया है। हॉस्टल के एक कमरे में आग लगी थी। अग्निशमन विभाग ने मौके पर पहुंच आग पर काबू पाया। हॉस्टल में रह रहीं प्रशिक्षु चिकित्सकों को बचा लिया गया है। आग लगने के कारणों का पता लगाया जाएगा।