धर्मशाला। वन डे मैच के लिए काउंटरों से 250 रुपये की टिकट अब नहीं मिल रही है। बुधवार सुबह करीब एक घंटे तक 250 रुपये की टिकटें बिकीं। उसके बाद ऑफलाइन और ऑनलाइन 250 रुपये की टिकट की बिक्री बंद हो गई। दरअसल, 250 रुपये की टिकट के लिए मारामारी मची हुई है। सूत्रों के अनुसार काउंटरों में 4200 टिकटें 250 रुपये की आई हैं। इनमें से मात्र एक हजार के करीब टिकटें ही बेची गई हैं। सूत्रों के अनुसार यह रिपोर्ट पुलिस ने बनाई है। अब अटकलें चल रही हैं कि इन टिकटों को ब्लैक में बेचा जा सकता है। काउंटर पर 250 रुपये की टिकट लेने के लिए आने वाले लोगों को 1 हजार और 1200 रुपये की टिकट खरीदने के लिए कहा गया। सुबह 11 बजे के बाद महंगी टिकट खरीदने को कोई तैयार नहीं था। दिनभर महंगी टिकटों को खरीदने के लिए इक्का-दुक्का लोग ही काउंटर पर टिकटें लेने पहुंचे।
इंद्रुनाग की शरण में जाएंगे एचपीसीए पदाधिकारी
हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और अन्य पदाधिकारी वीरवार को इंद्रुनाग देवता की शरण में जाएंगे। धर्मशाला में होने वाले मैचों से पूर्व एचपीसीए ने इंद्रुनाग देवता की पूजा की प्रथा चलाई है। इसी प्रथा के चलते वीरवार को मैच के बीच मौसम साफ रखने की गुहार लगाई जाएगी। इससे पूर्व भी एचपीसीए बड़े आयोजनों से पहले देवता की विधिवत पूजा अर्चना करती रही है।
पॉकेट मनी दोगुना करने का साधन बनी 250 रुपये की टिकटें
धर्मशाला में एकदिवसीय मैच के लिए बिक रही 250 रुपये मूल्य की टिकटें स्कूली बच्चों की पॉकेट मनी बढ़ाने का साधन बन गई हैं। जानकारी के अनुसार स्कूली बच्चों ने 250 रुपये मूल्य की टिकटें खरीदी थीं। अब वे इन टिकटों को मंहगे दामाें पर बेचने का कार्य कर रहे हैं।
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कैसे करें कंपनी से संपर्क?
टिकटों की बिक्री निजी कंपनी कर रही है। ऑनलाइन टिकट बुक करवाने के बाद दर्शकों को इसकी जानकारी लेने का कोई भी साधन नहीं है। कंपनी की वेबसाइट में दो नंबर अंकित किए गए हैं। इसमें से एक नंबर उपलब्ध नहीं है और दूसरे नंबर पर कोई भी फोन नहीं उठा रहा है। हालांकि, कंपनी ने 24 घंटे इन नंबर पर संपर्क करने की बात कही है।