देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। ब्लॉक देहरा और परागपुर विकास खंड के तहत विभिन्न पंचायतों के पात्र बीपीएल परिवार अब नए नियमों में अपात्र हो गए हैं। प्रदेश में बीपीएल के नए नियमों के बाद बीपीएल परिवारों को बड़े पैमाने पर हटा दिया गया है। इसमें 90 फीसदी से ऊपर परिवार बीपीएल सूचियों से बाहर हो गए हैं। इस कार्रवाई से बीपीएल परिवारों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।
जानकारी के अनुसार कई पंचायतों में ग्रामसभा का कोरम पूरा न होने के कारण सरकार ने संबंधित एसडीएम, बीडीओ तथा पंचायत इंस्पेक्टर की एक कमेटी गठित कर 31 दिसंबर तक बीपीएल सूचियों को अंतिम रूप देने के लिए तैनात किया था।
बुधवार को खंड स्तरीय कमेटी ने बीपीएल परिवारों में शामिल होने के लिए पहुंचे आवेदनों की जांच करते हुए जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र के 2959 परिवार बीपीएल सूची बाहर हो गए हैं। मात्र 278 परिवार ही सरकार की गाइडलाइन अनुसार पात्र परिवार पाए गए हैं। इससे पूर्व इस विधानसभा क्षेत्र में 3237 परिवार बीपीएल और अंत्योदय सूची में दर्ज थे। देहरा विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो इस विकास खंड में 3751 परिवारों को बीपीएल सूची से हटा दिया गया है। एसडीएम देहरा की अध्यक्षता में चयन समिति ने मात्र 195 परिवारों को बीपीएल में चयनित किया है। इससे पूर्व देहरा विधानसभा क्षेत्र में 3946 परिवार बीपीएल और अंत्योदय सूची में दर्ज थे। घियोरी पंंचायत प्रधान पूनम धीमान, जंडौर पंचायत के प्रधान सुरेश ठाकुर, बणी की प्रधान बिंदु ठाकुर ने बताया कि पंचायत स्तरीय समिति में प्रधानों को बाहर रखा गया। बीपीएल सूची में शामिल होने के लिए रखी गई जटिल शर्तों के कारण इस तरह की परिस्थितियां उत्पन्न हुई हैं। इसमें 90 फीसदी से ऊपर गरीब परिवार बीपीएल सूचियों से बाहर हो गए हैं। पंचायत प्रधान पूनम धीमान ने बताया कि उनकी पंचायत में 182 परिवारों में से सिर्फ पांच परिवारों का ही चयन बीपीएल सूची में हुआ है जो कि तर्कसंगत नहीं है।
देहरा के समाज शिक्षा एवं खंड योजना अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि देहरा में 195 परिवारों का बीपीएल सूची में चयन हुआ है। वहीं, खंड विकास अधिकारी परागपुर अशोक कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि गाइडलाइन के अनुसार 278 परिवार पात्र पाए गए हैं। खंड स्तरीय समिति द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुसार ही चयन किया गया है।