नगरोटा बगवां (कांगड़ा)।
नगरोटा बगवां के पुराना बस अड्डा पर बुधवार को स्थिति उस समय हंगामा और तनावपूर्ण हो गई जब नगर परिषद के जेई की अगुआई में नप कर्मचारी पुलिस बल के साथ अचानक दुकानों के आगे किए अतिक्रमण को हटाने पहुंच गए। पुराना बस अड्डा क्षेत्र के व्यापारियों का कहना था कि बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के उनका सामान हटाना उचित नहीं है। क्योंकि पूर्व में जब कभी भी नप या प्रशासन ने कोई कार्रवाई की है तो दुकानदारों को इसके लिए समय दिया जाता रहा है। दोपहर लगभग 12 बजे थाना प्रभारी की मौजूदगी में जैसे ही नप कर्मचारियों ने दुकानों के आगे रखा सामान हटाना आरंभ किया तो दुकानदारों ने इसका जमकर विरोध करना शुरू कर दिया। रोष स्वरूप कुछ दुकानदारों ने अपना सामान समेटने से इंकार कर दिया। स्थिति नप के जेई के साथ बहसबाजी तक पहुंच गई। दुकानदार जानना चाह रहे थे कि अचानक यह कार्रवाई किसके आदेशों से की जा रही है, क्योंकि न तो उन्हें नोटिस देकर इसकी कोई पूर्व सूचना दी गई और न ही इसकी कोई मुनादी की गई है।
दुकानदारों संग्राम, विकास, हरीश, शेखर, जोनू, राकेश, कुलभूषण, सुशांत, गोल्डी शर्मा, अनूप, दौलत, राजेश, लेखराज, सुरेश आदि ने तर्क दिया कि विवाह-शादियों के इस समय में वे अपने ग्राहकों को सामान बेचें या अपना सामान समेटें। काफी तर्क-वितर्क के बाद मामला आखिर नप कार्यालय तक पहुंच गया। दुकानदारों ने नप के ईओ चमन लाल कपूर, अध्यक्ष स्वर्णा वालिया और पार्षद अरुण मेहरा के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए दुकानों के आगे बढ़ाए सामान और नालियों पर किए अतिक्रमण को स्वयं हटाने के लिए समय मांगा। ईओ का कहना था कि दुकानों के आगे मुख्य सड़क पर बढ़ाए सामान से जहां यातायात में बाधा पहुंच रही है, वहीं नालियों को बंद करके दुकानदार सफाई व्यवस्था में भी बाधक बने हुए हैं। काफी तर्क-वितर्क के बाद आखिर ईओ ने जेई को आज की कार्रवाई को स्थगित करने और दुकानदारों को रविवार तक अतिक्रमण हटाने का समय देकर उनके रोष को शांत किया। ईओ ने बताया कि यदि रविवार तक दुकानों के आगे से अतिक्रमण और नालियों पर दुकानदारों की ओर से बनाए गए पक्के स्लैब नहीं हटाए तो नगर परिषद इन्हें स्वयं हटा देगी।