कोटला (कांगड़ा)। पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग 37 घंटे के बाद बहाल हुआ। त्रिलोकपुर के पास डंगा खिसकने के कारण यह मार्ग वाहनों की आवाजाही के लिए पूरी तरह से बंद था। अभी इस मार्ग को बजरा डालकर फिलहाल वाहनों की आवाजाही के लिए खोला गया है। इससे लोगों और वाहन चालकों ने राहत की सांस ली है। वहीं इस स्थान पर लुढ़के टिपर को काफी मशक्कत के बाद निकाला गया।
जानकारी के अनुसार एनएच विभाग की दो जेसीबी मशीनें मलबा हटाकर नई सड़क का निर्माण कर रही हैं। रास्ता बंद होने के कारण स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चों एवं अन्य लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। वाहनों को कोटला-सोहल्दा-त्रिलोकपुर-32 मील संपर्क मार्ग और कुछ वाहनों को 32 मील-कुठेहड़-ज्वाली संपर्क मार्ग से भेजा जा रहा था। कोटला-सोहल्दा-32 मील मार्ग पर भारी जाम लग रहा था। इसके चलते कुछ निजी बस आपरेटरों ने त्रिलोकपुर में अदला बदली के माध्यम से लोगों को राहत पहुंचाने का कार्य किया। वहीं पुलिस प्रशासन ने भारी वाहनों को संपर्क मार्ग से भेजना बंद कर रखा है। इससे त्रिलोकपुर से कोटला एवं त्रिलोकपुर से 32 मील तक लंबी कतारें लोडेड ट्रकों की लगी हुई हैं। एसडीएम ज्वाली अरुण शर्मा का कहना है कि यह आपदा क्षेत्र में भारी बरसात की वजह से ही आई है। प्रशासन दिन-रात एक कर इस मार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए खोलने में लगा हुआ है। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के प्रदेश संयोजक केडी हिमाचली का कहना है कि इस स्थान पर जितनी पहाड़ खोदकर खुदाई की जा रही है, उससे ज्यादा मलबा गिर रहा है, क्योंकि इस पहाड़ी में पानी का अथाह भांडार है।
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भूस्खलन ने बेरोजगार किया ढाबा संचालक
इस स्थान पर पिछले 25 वर्षों से खोखा खोलकर ढाबा चला रहे पुरुषोत्तम चंद बेरोजगार हो गया है। सड़क निर्माण के कारण उसके खोखे को उखाड़ दिया गया है। अब गरीब परिवार से संबंधित पुरुषोत्तम चंद को अपने परिवार के लालन-पालन की चिंता सताने लगी है।