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वॉकेशनल कोर्स का पैसा नहीं खर्च कर पा रहे स्कूल

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वोकेशनल कोर्स का पैसा खर्च नहीं कर पा रहे स्कूल
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स्कूलों के वोकेशनल कोर्स का 80 लाख रुपया हुआ वापस
जिला कांगड़ा में करीब 50 फीसदी पैसा ही हो पाया खर्च
राकेश भारद्वाज
धर्मशाला। युवाओं को स्वरोजगार के लिए तैयार करने के लिए सरकारी स्कूलों में चलाए गए वोकेशनल कोर्स के लिए केंद्र सरकार से जारी धनराशि को स्कूल खर्च नहीं कर पा रहे हैं। इससे यह धनराशि अब स्कूलों से वापस मंगवाई गई है। जिला कांगड़ा में ही विभिन्न स्कूलों में संचालित किए जा रहे वोकेशनल कोर्स के लिए जारी कुल धनराशि का करीब 50 फीसदी ही खर्च कर पाए हैं, जबकि शेष धनराशि इन स्कूलों से वापस मंगवा ली गई है। वोकेशनल कोर्स के लिए जारी कुल एक करोड़ 84 लाख 40 हजार रुपये की धनराशि से 80 लाख रुपये खर्च ही नहीं हो पाए हैं। ऐसे में सरकार ने स्कूलों से यह धनराशि वापस मंगवा ली है। जिला कांगड़ा में 136 स्कूलों में 11 वोकेशनल कोर्स करवाए जा रहे हैं। इसमें करीब साढ़े 12 हजार विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया था।
इनसेट....
तीन साल में जारी हुई थी धनराशि
स्कूलों को साल 2015 से 2017 तक वॉकेशनल कोर्स के तहत विभिन्न गतिविधियों के लिए यह धनराशि जारी की गई थी, लेकिन स्कूल वोकेशनल कोर्स के तहत गतिविधियां नहीं करवा पाए या करवाई भी थीं, तो वह जारी धनराशि को पूरी तरह नहीं खर्च कर पाए।
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बाक्स.
ये कोर्स करवाए जा रहे
कंप्यूटर साइंस, ऑटोमोबाइल, सिक्योरिटी, रिटेल, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी इनेवल्ड सर्विसेज, हेल्थ केयर, एग्रीकल्चर, ट्रेवल एडं टूअर, टेलीकॉम, फिजिकल एजूकेशन, बैंकिंग फाइनेंस सर्विसेज एंड इंश्योरेंस और मीडिया एडं एंटरटेन्मेंट कोर्स का संचालन हो रहा है।
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कोट
वोकेशनल कोर्स के लिए तीन साल में स्कूलों को पौने दो करोड़ रुपये के करीब धनराशि जारी की गई थी। इसमें कई स्कूल कुल धनराशि को खर्च नहीं कर पाए। इसलिए शेष धनराशि को स्कूलों से वापस मंगवा लिया है।
- डीपी शर्मा, परियोजना अधिकारी सर्व शिक्षा अभियान जिला कांगड़ा
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