भवारना (कांगड़ा)। कृपाल चंद कूहल में लंबे समय से पानी न होने से किसान चिंतित होने लगे हैं। कूहल में पानी न होने से सुलह विस क्षेत्र के निचले क्षेत्रों में गेहूं की फसल बर्बाद होने लगी है। हालांकि, किसानों की समस्या को देख स्वास्थ्य मंत्री एवं सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार ने विभाग को जल्द कूहल में पानी छोड़ने के आदेश दिए हैं। बंदला से मूड़ी तक बहने वाली कृपाल चंद कूहल पिछले काफी समय से सूखी पड़ी है। इससे भवारना, रमेहड़, वारी, समाणा, गजरेहड़ा, भीखाशाह, भड़गवार, सिहोल और चंगर क्षेत्र के गढ़, केदारा, मलकेहड़, गढ़ वस्ती भौड़ा, पटवाग मूड़ी के किसान, पशुपालकों और सब्जी उत्पादकों को कई वर्षों से हर बार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गांव भवारना के प्रवीण कुमार, प्यार चंद, उत्तम चंद, वारी के कुलवंत सिंह, कर्म चंद, कुलदीप पटियाल, अवतार चौहान, चंगर क्षेत्र के देशराज, रजिंद्र कटोच, सूबेदार महिंद्र सिंह, जोगिंद्र चौहान, बृजलाल घारिया, मिलाप गुलेरिया और अशोक शर्मा ने कहा कि पहले कृपाल चंद कूहल
साल में 9-10 माह लगातार चलती थी लेकिन, अब कई वर्षों से कूहल बंद हो गई है। इस समय गेहूं की सिंचाई के लिए किसानों को कूहल के पानी की आवश्यकता है, जबकि कूहल में पानी न आने पर स्वास्थ्य मंत्री के मिले आदेशों के बाद आईपीएच विभाग की सांसें फूलने लगी हैं। उधर, आईपीएच विभाग के एसडीओ पंकज व्यास ने कहा कि विभाग कूहल के काम में लगा है। जल्द पानी छोड़ दिया जाएगा। उधर, स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा कि काफी समय से कृपाल चंद कूहल का पानी किसानों को नहीं मिला है। चुनावों के दौरान सुलह के हर क्षेत्र के लोग इससे संबंधित शिकायत कर रहे थे। अब आईपीएच महकमे को जल्द कूहल का पानी किसानों को उपलब्ध करवाने के लिए कह दिया है। जल्द कृपाल चंद कूहल का पानी चंगर क्षेत्र में पहुंचेगा।