धर्मशाला। जिला कांगड़ा में अब तक 620.313 क्विंटल प्राकृतिक गेहूं की फसल बिकी है। जिले के दो खरीद केंद्रों में 203 किसान अपनी फसल बेचने के लिए पहुंचे हैं। जिला कांगड़ा में सिविल सप्लाई की ओर से नगरोटा बगवां, फतेहपुर और ढलियारा में तीन केंद्र स्थापित किए हैं। फतेहपुर और ढलियारा केंद्र में 19 मई से ही प्राकृतिक गेहूं बिकना शुरू हो गई थी। अब 26 मई से नगरोटा बगवां केंद्र में भी किसान अपनी फसल बेच पाएंगे।
जिला में कृषि विभाग के आतमा परियोजना के तहत किसानों से प्राकृतिक खेती से गेहूं की फसल तैयार की है। जिला कांगड़ा में 369 किसानों ने फसल बेचने के लिए पंजीकरण किया है। वहीं, विभाग की ओर से पहली बार 64.24 मीट्रिक टन गेेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा है। किसानों से 60 रुपये प्रति किलो की दर से गेहूं खरीदी जा रही है। गेहूं की खरीद होने के बाद विभाग की ओर से गेहूं को आटा बनाने के प्रक्रिया में लिए मिलों में भेजा जाएगा। जिसके बाद यह आटा विभाग की ओर से डिपुओं में उपलब्ध करवाया जाएगा। फसल की राशि विभाग की ओर से ऑनलाइन किसानों के खातों में ही डाली जाएगी।
पहली बार खरीद जा रही प्राकृतिक खेती से तैयार हल्दी
कांगड़ा में पहली बार किसानों की ओर से प्राकृतिक खेताी से तैयार हल्दी खरीदी जा रही है। जाईका खरीद केंद्र भट्टो में अब तक 15 किसानों से 37.02 क्विंटल प्राकृतिक हल्दी खरीदी गई है। जायका की ओर से किसानों से पहली बार 90 रुपये प्रति किलो मूल्य पर कच्ची हल्दी खरीदी जा रही है। जिसके लिए किसानों का पंजीकरण किया है।
सोमवार से नगरोटा बगवां खरीद केंद्र में भी प्राकृतिक गेहूं बिकना शुरू हो गई है। जिला के ढलियारा और फतेहपुर खरीद केंद्र में अब तक 203 किसानों से 620.313 क्विंटल प्राकृतिक गेहूं खरीदी है।
- डाॅ. राज कुमार भारद्वाज, निदेशक, आतमा परियोजना कांगड़ा