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जमरेला गांव के लोग करेंगे लोस चुनावों का बहिष्कार

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रास्ता न होने से परेशान ग्रामीण गांव छोड़ने को मजबूर
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जमरेला गांव के लोगों ने दी लोस चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी
बोले, विस चुनावों में बहिष्कार की घोषणा के बाद मिला था आश्वासन
अमर उजाला ब्यूरो
बैजनाथ (कांगड़ा)। बैजनाथ उपमंडल के जमरेला गांव के मतदाताओं गांव के लिए रास्ते की समस्या के चलते लोकसभा चुनाव में मत का प्रयोग न करने की चेतावनी दी है। यह पहला मौका नहीं है कि गांववासियों ने चुनावों का बहिष्कार करने का निर्णय लिया हो। इससे पहले भी ग्रामीणों ने 2013 में विधान सभा चुनावों के बहिष्कार की घोषणा की थी, लेकिन बाद में पूर्व विधायक किशोरी लाल के आश्वासन पर गांववासियों ने चुनावों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।
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पूर्व सरकार के समय गांव के लिए रास्ते का निर्माण तो हुआ था, लेकिन गुणवत्ता में कमजोर यह रास्ता पिछली बरसात में पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। अब तक रास्ते को सुचारु नहीं किया जा सका है। गांव में करीब ढाई सौ मकान हैं, जबकि तीन सौ के करीब मतदाता हैं। गांव में रास्ते की सुविधा न होने के कारण अब करीब 120 परिवार ही रह गए हैं, जबकि अन्य किराये के मकान ले कर रह रहे हैं या फिर अन्य स्थानों को पलायन कर गए हैं। गांववासियों कश्मीर सिंह, अनूप कुमार राणा, मग्गर सिंह, दामोदर दास, मान सिंह, दुर्गा चंद, नरेश कुमार, गुड्डो, शकुंतला, गुड्डी देवी और चंपा आदि ने मुख्यमंत्री को एसडीएम रामेश्वर दास के माध्यम से ज्ञापन भेज कर समस्या का हल न होने पर चुनाव का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। गांववासियों का कहना है कि रास्ता न होने के कारण स्कूली बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गांव में बीमार होने पर मरीज को चारपाई पर उठाकर ही अस्पताल पहुंचाया जाता है। गांववासियों का कहना है कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी वे मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। उधर, सहायक निर्वाचन अधिकारी एवं एसडीएम रामेश्वर दास ने बताया कि गांव के लोगों को मत का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उनकी समस्याओं का समाधान करवाया जाएगा।
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