धर्मशाला। धर्मशाला के लोगों के आराध्य इंद्रू नाग देवता का बड़ा खेलपात्र 17 सितंबर को होगा। देवता इस खेलपात्र में आने वाले समय में फसल और धर्मशाला का भविष्य बताएंगे। मान्यता है कि इस दिन देवता राक्षसों से युद्ध करके वापस आते हैं। इस साल इस दिन को जय इंद्रु नाग मंदिर सेवा समिति लोक परंपरा उत्सव के रूप में मना रही है।
समिति के अध्यक्ष नीरज कुमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कैप्टन पुरुषोत्तम, महासचिव रमेश मस्ताना, कोषाध्यक्ष शिवराज थापा, वरिष्ठ सदस्य पुरुषोत्तम लाल, कमलेश कपूर ने बताया कि लोक परंपरा उत्सव के तहत मेले में बच्चों की पारंपरिक खेलकूद प्रतिस्पर्धाएं होंगी। इसमें पिट्ठू, सुंदर टापू, दौड़, रस्साकशी और कबड्डी प्रतिस्पर्धा होगी। साथ ही लोक गायन और भजन गायन सहित भजन संध्या में भी आयोजित की जाएगी। वरिष्ठ उपप्रधान ने कहा कि उत्सव का मकसद लोक संस्कृति का संरक्षण करना है। युवा पीढ़ी की नशे की गर्त में धकेलने के लिए विदेशी ताकतें कार्य कर रही हैं। इससे युवाओं को दूर रखने के लिए ऐसे उत्सवों का आयोजन बहुत जरूरी है।
इसके लिए जय इंद्रु नाग मंदिर सेवा समिति को उत्थान एवं श्रम संस्था, इंद्रु नाग मेला कमेटी खनियारा, बटवाल फाउंडेशन, कैप्टन राम सिंह मेमोरियल समिति, गोरखा ब्वॉयज समिति और संघर्ष समिति खनियारा सहयोग कर रही हैं।