धर्मशाला। कांगड़ा जिले के चंगर क्षेत्र के किसान अब कॉफी के पौधे उगाकर खुशहाल और मालामाल हो सकेंगे। जी हां, चंगर क्षेत्र में अब कॉफी का उत्पादन करने की योजना है। इसके लिए केंद्रीय कॉफी बोर्ड ने कवायद शुरू कर दी है।
नगरोटा बगवां और ज्वालामुखी के चंगर क्षेत्र के खुंडियां के आसपास के गांव में कॉफी बोर्ड ने लोगों को पौधे वितरित का काम शुरू कर दिया है। हिमाचल में रैबिका और रॉबेस्टा किस्मों की कॉफी उगाने की योजना है। इसमें पहले चरण में सूबे के मंडी, कांगड़ा, ऊना, बिलासपुर और हमीरपुर जिलों की भूमि पर इस साल ट्रायल के तौर पर कॉफी के पौधे लगाए जाएंगे। निचले हिमाचल में 35 डिग्री तक तापमान कॉफी उत्पादन के लिए उपयुक्त माना जा रहा है।
आम के बगीचों में भी हो सकती है कॉफी
आम के बगीचों में भी खाली जगह पर कॉफी के पौधे लगाकर पैदावार की जा सकती है। एक हेक्टेयर भूमि पर 1700 से 1800 किलोग्राम कॉफी बीन्स तैयार होते हैं। बाजार में एक किलोग्राम कॉफी बीन्स की कीमत 300 से 350 रुपये तक है।
कोट्स
केंद्रीय कॉफी बोर्ड के सदस्य डॉ. विक्रम शर्मा ने बताया कि कॉफी की खेती से बागवान अच्छी आमदनी कर सकते हैं। कांगड़ा, मंडी, ऊना, बिलासपुर और हमीरपुर के कुछ क्षेत्रों में इस साल लोगों को कॉफी उत्पादन के लिए आगे आए हैं।