ऑनलाइन फीस जमा करवाने पर
देना पड़ रहा अतिरिक्त शुल्क
बैंक फीस जमा करवाने पर ले रहे सर्विस चार्ज और जीएसटी
छात्रों को 100 रुपये फीस के बदले ने पड़ रहे 140 रुपये
राकेश भारद्वाज
धर्मशाला। डिजिटल इंडिया के युग में छात्रों की जेब पर ऑनलाइन फीस जमा करवाने की एवज में सर्विस चार्ज और जीएसटी वसूलकर खूब डाका डाला जा रहा है। विभिन्न भर्तियों और विश्वविद्यालयों में फीस जमा करवाने के लिए छात्रों और युवाओं से ऑनलाइन फीस जमा करवाने के लिए ये दोनों चार्ज लगने से उन्हें फीस के अलावा अतिरिक्त शुल्क अदा करना पड़ रहा है। ऐसे में 100 रुपये फीस के बदले में एक विद्यार्थी को करीब 130 से 140 रुपये अदा करने पड़ रहे हैं।
डिजिटल इंडिया के बाद विभिन्न विभागों, शिक्षण संस्थानों और अन्य संस्थानों ने फीस और शुल्क अदा करने के लिए वेबसाइट में ऑनलाइन फीस जमा करवाने का ऑप्शन दिया है, लेकिन, ऑनलाइन फीस जमा करवाने पर कई वेबसाइट में सर्विस चार्ज और जीएसटी भी फीस के साथ लिए जा रहे हैं।
एमओयू पर करता है निर्भर
एक बैंक अधिकारी ने बताया कि फीस के साथ सर्विस चार्ज और जीएसटी वसूलना संस्थान का बैंक के साथ एमओयू पर निर्भर करता है। एमओयू के नियमों और शर्तों के अनुसार ही फीस के साथ चार्ज जुड़ते हैं। एमओयू में चार्ज और जीएसटी की फीस में छूट की शर्त को जोड़ने पर ही इसमें छूट मिलती है।
6820 रुपये फीस पर देने पड़े 6912 रुपये
केंद्रीय विश्वविद्यालय में एक छात्र की 6820 रुपये फीस निर्धारित थी। छात्र ने ऑनलाइन फीस जमा करवाई, तो बैंक ने 6820 रुपये के साथ 78 रुपये सर्विस चार्ज और 14 रुपये जीएसटी के जोड़ दिए। ऐसे में 6820 रुपये के बजाय छात्र को 6912 रुपये अदा करने पड़े।