अमर उजाला ब्यूरो
डमटाल(कांगड़ा)। ठाकुर राम गोपाल मंदिर भूमि फर्जीवाड़े मामले में प्रशासन अभी भी आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने से कतरा रहा है। इसके लिए उपायुक्त कांगड़ा के आदेशों का इंतजार मंदिर प्रशासन कर रहा है। शनिवार को मंदिर के सहायक आयुक्त एवं नूरपुर के एसडीएम आबिद हुसैन सादिक डमटाल पहुंचे। फर्जीवाड़े में संलिप्त 24 व्यक्तियों के खिलाफ सात दिन में मंदिर प्रशासन इंदौरा के एसडीएम कार्यालय में अपील दायर कर लोगों के नाम दर्ज हुए इंतकाल रद्द कर अवैध ढंग से लोगों के नाम की गई मंदिर की 33 हेक्टेयर भूमि वापस मंदिर के नाम की जाएगी। इसके लिए मंदिर प्रशासन ने पूरी जांच कर दस्तावेज एकत्र कर लिए हैं।
एसडीएम ने बताया कि फर्जीवाड़े की जांच के दौरान पाया गया है कि दस्तावेजों से छेड़छाड़ कर अवैध रूप से मंदिर की भूमि को 24 व्यक्तियों के नाम दर्ज किया गया है। इसमें प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी भी संलिप्त हैं। भूमि फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद जांच पड़ताल करने पर 24 व्यक्ति इस फर्जीवाड़े में सामने आए हैं। इंतकाल रद्द करने के लिए मंदिर प्रशासन अपील लगा रहा है। उन्होंने बताया कि फर्जीवाड़े में संलिप्त लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाने को लेकर जिलाधीश कांगड़ा के आदेश आते ही प्राथमिकी दर्ज करवा दी जाएगी। फिलहाल फर्जीवाड़े की रिपोर्ट तैयार कर शीघ्र ही जिलाधीश कांगड़ा को प्रेषित कर दी जाएगी। प्रदेश का सबसे बड़ा भूमि फर्जीवाड़ा उजागर होने पर प्रशासन और सरकार प्राथमिकी दर्ज करवाने से कतरा रहा है। क्योंकि, मंदिर भूमि फर्जीवाड़े में उस समय में तैनात तहसीलदार पटवारी कानूनगो एवं मंदिर के सहायक आयुक्त तक फर्जीवाड़े में संलिप्त पाए गए हैं। प्रशासन अपनी साख बचाने के लिए प्राथमिकी दर्ज करवाने से गुरेज कर रहा है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के जांच आदेशों के बावजूद प्रशासन फर्जीवाड़े में ढुलमुल रवैया अपनाए हुए है।