धर्मशाला। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के 436 पद लंबे समय से रिक्त हैं। इससे कई केंद्रों में कार्यरत कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ गया है। बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को मिलने वाली सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है।
जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों में 4226 पद स्वीकृत हैं। इनमें कार्यकर्ताओं के 122 और सहायिकाओं के 314 पद रिक्त हैं। कई कार्यकर्ताओं को अपने केंद्र के साथ दूसरे केंद्रों की जिम्मेदारी भी निभानी पड़ रही है। इससे पोषण कार्यक्रम, स्वास्थ्य रिकॉर्ड, सर्वेक्षण और विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में कठिनाइयां आ रही हैं।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन की उपप्रधान वीना शर्मा ने बताया कि रिक्त पदों को भरने की मांग विभाग से की गई है। अतिरिक्त कार्य के लिए अतिरिक्त लाभ भी नहीं दिया जा रहा। 4226 केंद्रों में से केवल 245 अपने भवनों में संचालित हो रहे हैं। 2327 केंद्र किराये के भवनों में जबकि 1838 केंद्र अन्य सरकारी भवनों में चल रहे हैं।
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जिले में रिक्त पदों को भरने के लिए समय-समय पर सूचना जारी की जाती है। रिक्त पदों को भरने के संबंध में निदेशालय को पत्र भेजा गया है। आगे की कार्रवाई निदेशालय स्तर पर की जाएगी। -अशोक कुमार शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, कांगड़ा