अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। जिलाधीश संदीप कुमार ने कहा कि कांगड़ा जिला में ट्रैफिक प्रबंधन के अलावा ठोस कचरा प्रबंधन की दिशा में प्राथमिकता से कार्य किया जाएगा। इसके अलावा जिले में सड़क दुर्घटनाओं के कारण होने वाली मौतों को नियंत्रित करने के लिए दुर्घटना संभावित स्थलों के और सुधार की गुंजाइश है। ऐसे स्थलों को चिह्नित कर इनका सुधार किया जाएगा। जिलाधीश धर्मशाला में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए नए पार्किंग स्थल विकसित करने के साथ साथ बेतरतीब पार्किंग की समस्या के निदान पर जोर दिया जाएगा। इसके अलावा पैदल चलने वालों के हितों का भी ध्यान रखना जरूरी है। ऐसे स्थलों को चिह्नित किया जाएगा, जहां सब वे, उपरिगामी पुल आदि बनाए जा सकें, जिससे पैदल चलने वाले लोगों को सुविधा हो।
संदीप कुमार ने कहा कि जिले में ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कारगर नीति बनाने और वैज्ञानिक विधि से कचरे के निष्पादन की योजना पर तुरंत कार्य किया जाएगा।
आम नागरिकों के व्यापक लाभ के लिए राजस्व मामलों के त्वरित निष्पादन पर बल देने के साथ ही ई-जिला परियोजना का प्रभावी कार्यान्वयन तय करवाया जाएगा, ताकि लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। जिलाधीश ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसकी निगरानी के लिए सॉफ्टवेयर विकसित किया जाएगा, जिससे उत्तरदायी अधिकारी-कर्मचारी से प्रतिदिन गुणवत्ता के बारे में जाना जा सके।
‘हेरिटेज सर्किट’ और ‘बुद्धिस्ट सर्किट’ विकसित करने का होगा प्रयास
जिलाधीश ने कहा कि कांगड़ा में पर्यटन की असीमित संभावनाएं हैं। इस दृष्टि से कांगड़ा में ‘हेरिटेज सर्किट’ और ‘बुद्धिस्ट सर्किट’ विकसित करने के प्रयास किए जाएंगे। ‘हेरिटेज सर्किट’ के तहत हरिपुर गुलेर क्षेत्र और पौंग झील क्षेत्र को जोड़ कर पर्यटन की नई गतिविधियों को बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। पौंग झील में विभिन्न प्रकार की जलीय खेलों, एंगलिंग, हाउस बोटिंग, पक्षी विहार जैसी अनेक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए पर्यटन विभाग के साथ योजना बनाई जाएगी।
‘बुद्धिस्ट सर्किट’ विकसित कर पर्यटकों को ऐसे बौद्ध विहारों तक ले जाने की व्यवस्था की जाएगी, जहां वे सामान्यत: नहीं पहुंच पाते हैं। इससे पर्यटकों के लिए नई गतिविधियां तो जुड़ेंगी ही, नए क्षेत्रों का भी विकास होगा। नूरपुर के नागनी माता मंदिर और गरली के कालेश्वर महादेव मंदिर को अन्य महत्वपूर्ण स्थलों की भांति धार्मिक पर्यटन के मैप पर प्रमुखता से लाया जाएगा ।
विधानसभा को पर्यटकों के लिए खोलने के विचार को आगे बढ़ाएंगे
तपोवन स्थित विधानसभा परिसर को पर्यटकाें के लिए खोलने तथा पर्यटकों को आगंतुक गैलरी तक ले जाकर विधानसभा अंदर से दिखाने की व्यवस्था विकसित करने के विचार को सिरे तक पहुंचाने के प्रयास किए जाएंगे। वे उपयुक्त मंच पर इसके बारे में बात रखेंगे।