घेका में पेयजल स्रोत में घटा पानी का स्तर।
- फोटो : Kangra
धर्मशाला। काफी समय से बारिश न होने के कारण धर्मशाला शहर को पेयजल आपूर्ति करने वाली परियोजनाओं में पानी की 40 फीसदी तक कमी आ गई है।
धौलाधार की चोटियों पर हाल ही हुए ताजा हिमपात से पेयजल स्रोतों को पर्याप्त मात्रा में पानी मिलने की उम्मीद जगी थी, लेकिन उम्मीद से कम हुए हिमपात से फिलहाल जलशक्ति विभाग को कोई मदद मिलती नहीं दिख रही है। विभाग के अनुसार लंबे समय से बारिश न होने के कारण पेयजल स्रोत लगातार सूख रहे हैं। अगर आने वाले कुछ दिनों में बारिश और पहाड़ों पर हिमपात नहीं हुआ, तो सूखे जैसे हालात पैदा हो जाएंगे।
जलशक्ति विभाग धर्मशाला के अधिशासी अभियंता संदीप गुलेरिया ने बताया कि धर्मशाला शहर को पेयजल आपूर्ति करने वाली परियोजनाओं में पानी की 40 फीसदी तक कमी आ गई है। इस संभावित संकट से निपटने के लिए विभाग ने अपने स्तर पर अतिरिक्त प्रयास करने शुरू कर दिए हैं। इसी सप्ताह हुए हिमपात से भी पेयजल स्रोतों को पानी नहीं मिल सका है। उन्होंने बताया कि घेरा में अतिरिक्त प्लास्टिक पाइपें बिछाकर आसपास के स्रोतों से मुख्य स्रोतों तक पानी पहुंचाया जा रहा है। इसके लिए तीन दिन से प्रयास किए जा रहे हैं। शुक्रवार को भी पाइपें बिछाने के कार्य में 20 मजदूर लगाए गए थे। प्लांट पर वास्तविक स्थिति को जानने के लिए विभाग के एक्सईएन, एसडीओ और जेई घेरा तक छह किलोमीटर का मुश्किल सफर पैदल तय कर जायजा लेने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि जल्द ही घेरा प्लांट को बहाल कर दिया जाएगा। इससे पेयजल संकट दूर करने में मदद मिलेगी।
घेरा प्लांट की टेस्टिंग शुरू
जुलाई माह में भारी बारिश के कारण घेरा प्लांट को भारी क्षति पहुंची थी। उस दौरान घेरा के लिए जाने वाली सड़क बह जाने से प्लांट तक पाइपें पहुंचाने में मुश्किल आ रही थी। अब सड़क शुरू होने से प्लांट को बहाल करने का अधिकतर कार्य कर लिया गया है। एसडीओ संदीप गुलेरिया ने बताया कि प्लांट की टेस्टिंग शुरू कर दी गई है। टेस्टिंग के दौरान 11 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन की लीकेज की चेकिंग की जाएगी। उन्होंने बताया कि सात दिसंबर तक पेयजल आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।