धर्मशाला। जिले में कामकाजी अभिभावकों के नौनिहालों की देखभाल के लिए शुरू किए गए आंगनबाड़ी कम क्रेच केंद्रों को पहले ही साल बेहतर जनसमर्थन मिला है। जिले में संचालित करीब 50 क्रेच केंद्रों में अब तक कुल 294 बच्चों का पंजीकरण हो चुका है। इन केंद्रों के माध्यम से बच्चों को सुरक्षित माहौल, पोषण और प्रारंभिक गतिविधियों की सुविधा मिल रही है जिससे कामकाजी माता-पिता को दिन के समय बड़ी राहत मिली है।
जिले के रैत ब्लॉक में सबसे अधिक क्रेच केंद्र और पंजीकरण दर्ज किए गए हैं। यहां 16 केंद्रों में 104 बच्चे पंजीकृत हैं। पंचरुखी और भवारना जैसे क्षेत्रों में एक-एक केंद्र के साथ सबसे कम उपस्थिति रही है। विभाग अब उन क्षेत्रों की पहचान कर रहा है जहां इन केंद्रों की अधिक आवश्यकता है ताकि आगामी दिनों में और नए केंद्र खोले जा सकें।
क्षेत्रवार क्रेच केंद्र और पंजीकृत बच्चों का ब्योरा
रैत: 16 केंद्रों में 104 बच्चे
कांगड़ा: 5 केंद्रों में 44 बच्चे
देहरा: 7 केंद्रों में 41 बच्चे
नगरोटा बगवां: 4 केंद्रों में 27 बच्चे
धर्मशाला: 4 केंद्रों में 24 बच्चे
नूरपुर: 6 केंद्रों में 20 बच्चे
बैजनाथ: 2 केंद्रों में 9 बच्चे
नगरोटा सूरियां: 2 केंद्रों में 6 बच्चे
इंदौरा: 2 केंद्रों में 5 बच्चे
पंचरुखी: 1 केंद्र में 2 बच्चे
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प्रदेश सरकार की मंजूरी मिलने के बाद जिले में और क्रेच केंद्र खोले जाएंगे। इसके लिए जरूरत वाले क्षेत्रों को चिह्नित कर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। नए केंद्र खुलने से अधिक संख्या में बच्चों को इस सुविधा का लाभ मिल सकेगा। -अशोक कुमार शर्मा, डीपीओ, महिला एवं बाल विकास विभाग, कांगड़ा