धर्मशाला। अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार ने कहा कि एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों के प्रति समाज में फैले भ्रम और भेदभाव को समाप्त करना समय की आवश्यकता है। एचआईवी एड्स केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता, संवेदनशीलता और सामूहिक उत्तरदायित्व से जुड़ा मुद्दा है।
जिला एड्स निवारण एवं नियंत्रण समिति और भेदभाव उन्मूलन, कानूनी संरक्षण व मुख्यधारा से जोड़ने संबंधी जिला स्तरीय परामर्श बैठक एडीसी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में एचआईवी एड्स की वर्तमान स्थिति, राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम की प्रगति, बच्चों पर इसके प्रभाव और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को लेकर चर्चा की गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक करोल ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान जिले के विभिन्न एकीकृत परामर्श एवं परीक्षण केंद्रों में 216 एचआईवी पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। 62 व्यक्ति उच्च जोखिम समूहों से संबंधित पाए गए हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कांगड़ा के सचिव आर मिहूल शर्मा ने बताया कि विधिक साक्षरता शिविरों में लोगों को एचआईवी और एड्स से बचाव संबंधी जानकारी भी दी जाती है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरके सूद ने बताया कि नाको के मोबाइलाइजेशन फॉर एड्स सुरक्षा अभियान का उद्देश्य एक दिसंबर 2027 तक देश में एचआईवी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। जिले में एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों की अनुमानित संख्या 2,256 है जिनमें से 2,119 व्यक्ति उपचाराधीन हैं।