तीन महीने में नहीं मिली शराब पर सेस लगाने की मंजूरी
धर्मशाला नगर निगम की आमसभा में गरमाया मुद्दा, जानबूझकर मंजूरी न देने का आरोप
कांग्रेस समर्थित पार्षद बोले, आय बढ़ाने के लिए सेस लगाना जरूरी
बाहरी राज्यों के वाहनों पर ग्रीन टेक्स लगाने पर एक बार फिर सिर्फ चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। नगर निगम धर्मशाला की बुधवार को हुई आमसभा में शराब पर सेस लगाने को प्रदेश सरकार से मंजूरी न मिलने का मामला गरमाया रहा। कांग्रेस समर्थित पार्षदों ने कहा कि तीन महीने पहले एमसी धर्मशाला के दायरे में आने वाले शराब के ठेकों पर सेस लगाने का प्रस्ताव प्रदेश सरकार की मंजूरी के लिए भेजा था, जिसे प्रदेश सरकार जानबूझ कर स्वीकृति नहीं दे रही है। पार्षदों ने कहा कि एक ओर प्रदेश सरकार हर शहरी निकाय को अपनी आय बढ़ाने के स्रोतों का विस्तार करने की बात कहती है। वहीं, दूसरी ओर प्रदेश सरकार अब तीन महीने पहले भेजे आय बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दे रही है। इसके अलावा एमसी की आम सभा में पार्षदों ने शहर की सफाई का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। आमसभा की अध्यक्षता महापौर रजनी ब्यास ने की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को शराब पर सेस लगाने के बारे में फिर से पत्राचार किया जाएगा। इसके अलावा बाहरी राज्यों के वाहनों पर ग्रीन टेक्स लगाने पर फिर से सिर्फ चर्चा की गई। अभी तक इस मामले पर भी कोई फैसला नहीं लिया गया है कि कब से यह व्यवस्था धर्मशाला में शुरू करनी है। आमसभा में उपमहापौर देवेंद्र जग्गी, एमसी के अतिरिक्त आयुक्त सुखदेव सिंह, पार्षद ओंकार नेहरिया, नीनू शर्मा, सुषमा देवी, सर्व चंद, बिमला देवी सहित पांचों मनोनीत पार्षद मौजूद रहे।
आम रास्ता रोकने पर बिफरे कंड वार्ड के पार्षद
धर्मशाला। एमसी के वार्ड नंबर-14 कंड के पार्षद विक्रम सुनील खनका ने कहा कि उनके वार्ड में हब्बड़ और हार क्षेत्र को जाने वाले आम रास्ते को एक व्यक्ति ने बंद कर दिया है। उन्होंने आमसभा में इस मामले को उठाया और एमसी के अधिकारियों से रास्ता बहाल करने की मांग उठाई। वहीं, इस वार्ड के लोगों ने भी हाउस के बाद एमसी के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। जानकारी के अनुसार दाड़ी बाईपास से होकर गुजरने वाली कंकरीट सड़क हब्बड़ और हार क्षेत्र को जोड़ती है। लाखों रुपये खर्च कर दो साल पहले ही नगर निगम ने इस सड़क का निर्माण कार्य किया था। वहीं, अब एक दम से ही रातोंरात सड़क के बीच गेट लगाकर पूरे क्षेत्र का रास्ता बंद कर दिया गया है। अब हब्बड़ और हार क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक परिवारों का संपर्क दाड़ी और धर्मशाला से ही टूट गया है।