कहा- 15 फरवरी से 15 मार्च तक अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अंतर्गत टीबी-एचआईवी जागरूकता अभियान चलेगा
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। जिला कांगड़ा में चल रहे सौ दिवसीय टीबी जांच अभियान के अंतर्गत 81 दिनों में जोखिमपूर्ण आबादी में से 213 नए टीबी के मरीज सामने आए हैं। विभाग की ओर से जिला भर के दूरदराज के क्षेत्रों में शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसके तहत जिला कांगड़ा में 2,61,224 जोखिमपूर्ण आबादी में से 2,50,125 की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। 24,776 लोगों को निक्षय पोर्टल पर पंजीकृत किया और 22,178 लोगों की एक्स-रे जांच की गई है।
शुक्रवार को जिला स्वास्थ्य विभाग की मासिक बैठक के बाद धर्मशाला में पत्रकार वार्ता के दौरान सीएमओ कांगड़ा डॉ. राजेश गुलेरी ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सौ दिन टीबी मुक्त अभियान के अंतर्गत 450 टीबी रोगियों की खोज की गई, जिसमें 213 जोखिमपूर्ण आबादी में से थे। अभियान के दौरान 29,500 रोगियों की लैब जांच और एक्स-रे किए गए।
उन्होंने कहा कि जिला से 81 स्वास्थ्य संस्थानों की ओर से राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस सर्टिफिकेशन) के लिए आवेदन किया था। इनमें से 36 स्वास्थ्य संस्थान राज्य से प्रमाणित हो चुके हैं, जबकि तीन स्वास्थ्य संस्थान एनक्यूएएस से प्रमाणित हो चुके हैं। अब पीएचसी और सब हेल्थ सेंटर को राज्य अथवा राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रमाणित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान जिला कांगड़ा में टीबी मुक्त पंचायत अभियान में सर्वश्रेष्ठ योगदान के लिए प्रथम स्थान पर रहे स्वास्थ्य खंड भवारना, द्वितीय स्थान पर रहे गोपालपुर और तृतीय स्थान पर रहे स्वास्थ्य खंड थुरल को सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि 15 फरवरी से 15 मार्च तक अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अंतर्गत टीबी-एचआईवी जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।