धर्मशाला। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नितिन मित्तल की फास्ट ट्रैक विशेष पोक्सो अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी बेटू राम को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। साथ ही यह भी आदेश दिया कि यदि दोषी जुर्माना अदा नहीं करता तो उसे छह माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी नवीना राही ने की। उन्होंने जानकारी दी कि 13 अगस्त, 2023 को पीड़िता अपनी भाभी के साथ पुलिस थाना जवाली शिकायत लेकर पहुंची थी। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि 23 मार्च, 2023 को घर में पारिवारिक कार्यक्रम था, जिसमें कई लोग शामिल हुए थे। इसके बाद 28 मार्च, 2023 को आरोपी ने दिन के समय उसे घर पर अकेला पाकर पानी पीने के बहाने बुलाया और जबरदस्ती दुष्कर्म किया। साथ ही धमकी दी कि घटना के बारे में किसी को न बताए।
पीड़िता ने साहस दिखाते हुए पूरी घटना अपनी बड़ी भाभी को बताई, जिसके बाद थाना जवाली में मामला दर्ज हुआ। पुलिस ने आरोपी बेटू राम के खिलाफ दुष्कर्म व पोक्सो की धाराओं सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। सरकार की ओर से अदालत में 28 गवाह पेश किए गए और सभी ने आरोपी के खिलाफ बयान दिए। अदालत ने गवाहों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों को गंभीर मानते हुए आरोपी को दोषी ठहराया और उसे 20 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई।