नायक ले. कर्नल उत्तम सिंह गुलेरिया।
- फोटो : परिजन
वर्ष 1965 के भारत-पाक युद्ध के नायक लेफ्टिनेंट कर्नल (सेवानिवृत्त) उत्तम सिंह गुलेरिया का गुरुवार को निधन हो गया। शुक्रवार को देहरा विधानसभा क्षेत्र में स्थित उनके पैतृक गांव दरकाटा में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। 88 वर्षीय सैन्य अधिकारी ने लंबी बीमारी के बाद अंतिम सांस ली। उनके पुत्र कर्नल विशाल गुलेरिया ने अंतिम संस्कार की रस्में निभाईं। योल कैंट डिवीजन मुख्यालय से आए सेना के जवानों ने सेना प्रमुख की ओर से पुष्पांजलि अर्पित की। उनके परिवार में पत्नी लक्ष्मी गुलेरिया, दो पुत्र कर्नल विशाल गुलेरिया और विकास गुलेरिया (स्कॉटलैंड में कार्यरत) और एक पुत्री हैं।
लेफ्टिनेंट कर्नल उत्तम सिंह गुलेरिया भारतीय सेना की बख्तरबंद कोर में सेवा करते हुए ऑपरेशन बार्की में साहसिक भूमिका निभाने के लिए सेना मेडल से सम्मानित हुए थे। उनके भाई सेवानिवृत्त कैप्टन मेहर सिंह गुलेरिया ने बताया कि उन्होंने 37 वर्षों तक सेना में सेवाएं दीं और 1994 में सेवानिवृत्त हुए। उनके पिता सूबेदार विधि चंद ने भी द्वितीय विश्व युद्ध में हिस्सा लिया था। लेफ्टिनेंट कर्नल गुलेरिया राजपूत सभा कांगड़ा के अध्यक्ष और वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में कार्यरत रहे हैं। उन्होंने संगठन को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दरकाटा पंचायत प्रधान रेवा रानी ने बताया कि वे सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते थे और उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। इस अवसर पर देहरा के पूर्व विधायक होशियार सिंह, सेना के पूर्व अधिकारी, अन्य गणमान्य व्यक्ति और स्थानीय लोग भी मौजूद रहे।